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    खाटू श्याम जी के 12 नाम और उनका अर्थ: क्यों कहलाते हैं 'हारे का सहारा' और 'शीश के दानी'

    Updated: Thu, 11 Jun 2026 02:04 PM (IST)

    खाटू श्याम बाबा के 12 प्रमुख नामों और उनके अर्थ, जो महाभारत के बर्बरीक से जुड़े हैं। इन नामों के माध्यम से बाबा श्याम के त्याग, वीरता और भक्तों के प्र ...और पढ़ें

    खाटू श्याम जी के 12 नाम (AI-Generated Image)

    खाटू श्याम जी के 12 नाम (AI-Generated Image)

    HighLights

    1. खाटू श्याम बाबा महाभारत के बर्बरीक का स्वरूप हैं।

    2. भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें कलयुग में श्याम नाम दिया।

    3. उनके नाम त्याग, वीरता और करुणा को दर्शाते हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारत के राजस्थान राज्य के सीकर जिले में स्थित है खाटू श्याम बाबा का भव्य मंदिर, जहां महाभारत के प्रमुख पात्र बर्बरीक की पूजा की जाती है। बर्बरीक वर्तमान समय में खाटू श्याम जिन्हें कई नामों से भक्त पुकारते हैं। महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हे कलयुग में श्याम नाम से पूजे जाने का वरदान दिया था।

    आज लाखों लोग खाटू श्याम बाबा के प्रति आस्था रखते हैं। कई लोग इन्हें खाटू श्याम, हारे का सहारा और तीन बाण धारी बुलाते हैं। आइए जानते हैं उनके 12 प्रमुख नाम और उनका अर्थ?

    बर्बरीक

    बर्बरीक महाभारत काल के महान योद्धा, जो भीम के पौत्र और घटोत्कच के बेटे थे। बर्बरीक को तीन अमोघ बाण का वरदान मिला था, जिससे वे अकेले ही संपूर्ण सेना का विनाश कर सकता था। युद्ध में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उन्होंने कमजोर पक्ष का साथ देने का संकल्प लिया था। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी इच्छा शक्ति और संकल्प को ध्यान में रखते हुए उनका शीश दान में मांग लिया, जिसे बर्बरीक ने एक बार में स्वीकार कर लिया। उनका यही त्याग उन्हें महान बनाता है।

    श्याम

    भगवान श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को श्याम नाम तब दिया था, जब उन्होंने शीश दान स्वीकार किया। यह नाम कृष्ण की ही तरह करुणा और दिव्यता से भरा है। श्याम नाम का मतलब, सांवला या आकर्षक है, जो भगवान के मोहक व्यक्तित्व को दर्शाता है।

    मोरवी नंदन

    मोरवी नंदन यानी माता मोरवी के पुत्र, यह नाम खाटू श्याम जी के पारिवारिक और संस्कारिक पक्ष को दिखाता है। माता मोरवी ने ही बर्बरीक को धर्म, साहस और सेवा की शिक्षा दी थी।

    घटोत्कच नंदन

    घटोत्कच नंदन का नाम का मतलब घटोत्कच का पुत्र। घटोत्कच खुद महाभारत के महान और पराक्रमी योद्धा थे, जिनकी वीरता के आगे अच्छे-अच्छे योद्धा पानी भरते थे। बर्बरीक ने अपने पिता घटोत्कच से ही युद्ध कौशल और वीरता के गुण की शिक्षा प्राप्त की। यह नाम उनके वीर वंश और परंपरा को दर्शाता है।

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    लखदातार

    लखदातार नाम का मतलब लाखों का दाता यानी जो एक मांगने पर लाखों देता है। खाटू श्याम बाबा पर आस्था रखने वाले भक्तों का मानना है कि, यह नाम उनकी उदारता और कृपा को दर्शाता है। भक्तों का विश्वास है कि, मन से प्रार्थना करने पर बाबा श्याम उनकी संपूर्ण मनोकामनाओं को पूरी करते हैं।

    हारे का सहारा

    खाटू श्याम बाबा का ये नाम उनकी बड़ी विशेषता को दर्शाता है। इसका मतलब जो इंसान अपने जीवन में हार मान चुका है, उसके लिए बाबा श्याम सहारा बनकर आते हैं। यह नाम उनके करुणामय और सहायक स्वरूप को दर्शाता है।

    शीश के दानी

    शीश के दानी खाटू श्याम जी की त्याग की महानता को दर्शाता है। जब भगवान श्रीकृष्ण ने उनसे उनका सिर मांगा तो उन्होंने बिना सोच-विचार किए अपने शीश का दान कर दिया। उनका यह बलिदान अद्वितीय और अनुपम था।

    तीन बाण धारी

    तीन बाण धारी नाम बर्बरीक की अद्भुत युद्ध क्षमता को दर्शाता है। बाबा श्याम के पास ऐसे तीन बाण थे जो अचूक थे और किसी भी लक्ष्य को भेद सकते थे। उनका एक बाण लक्ष्य को चिह्नित करता, दूसरा उसे नष्ट करता और तीसरा वापस आ जाता। यह नाम उनकी अपार शक्ति और कौशल का प्रतीक माना जाता है।

    कलियुग का देवता

    खाटू श्याम बाबा को कलियुग का देवता भी कहा जाता है, क्योंकि वे वर्तमान युग में शीघ्र फल प्रदान करने वाले देवता माने जाते हैं। भक्तों का मानना है कि, वे फौरन अपनी कृपा से समस्याओं का समाधान करते हैं। यह नाम उनका काफी ज्यादा लोकप्रिय और प्रभावशाली स्वरूप को दर्शाता है।

    खाटू नरेश

    बाबा खाटू को खाटू नरेश भी कहा जाता है, क्योंकि वह खाटू धाम के राजा हैं। राजस्थान के खाटू में स्थित मंदिर में बाबा श्याम विराजमान हैं। यह नाम उनके राजसी और दिव्य स्वरूप को दर्शाता है। भक्त उन्हें राजा की तरह पूजते हैं।

    श्याम सरकार

    श्याम सरकर एक ऐसा नाम जो श्याम के न्यायप्रिय और संरक्षक स्वरूप को दर्शाता है। सरकार का मतलब है कि शासक या नियंत्रक, जो भक्तों को जीवन में सही दिशा दिखाने का काम करते हैं। इसके अलावा वे भक्तों के जीवन में संतुलन भी स्थापित करते हैं।

    श्याम बाबा

    खाटू श्याम बाबा नाम उनके भक्तों के प्रेम और श्रद्धा भाव का प्रतीक है। यह नाम स्नेह वाले संबोधन को दर्शाता है। बाबा श्याम को इस नाम से पुकारने पर भक्तों को अपनापन और शांति का अनुभव प्राप्त होता है।

    इसके अलावा खाटू श्याम बाबा को मोरछड़ी और श्याम धणी जैसे नामों से पुकारा जाता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।