खाटू श्याम जी के दरबार में भूलकर भी न मांगें ये 1 वरदान, वरना खुशियां बदल जाएंगी बर्बादी में!
हिंदू धर्म में पूजनीय खाटू श्याम जी से जुड़ी एक लोककथा बताती है कि उनसे कभी एक खास वरदान नहीं मांगना चाहिए। क्या है वो वरदान आइए जानते हैं। ...और पढ़ें

खाटू नरेश से वरदान में क्या नहीं मांगना चाहिए? (Picture Credit- AI Generated)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में खाटू श्याम जी अत्यंत पूजनीय देवता हैं, जिन्हें भगवान कृष्ण के रूप में उनके भक्त पूजते हैं। बाबा श्याम को कलयुग का देवता कहा जाता है और मान्यता है कि, महाभारत काल में भीम के पोते और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक के अवतार हैं।
देशभर में खाटू श्याम से जुड़े ऐसे कई छोटे-बड़े मंदिर हैं, जहां उनकी पूजा की जाती है, लेकिन राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गांव बाबा श्याम का मुख्य प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। हर साल लाखों की संख्या में भक्त बाबा के दर्शन के लिए खाटू धाम आते हैं।
अगर आप भी खाटू ध्यान आने की योजना बना रहे हैं, तो भूलकर भी एक खास वरदान मांगने से बचें। क्या है वो वरदान जिसे खाटू नरेश से नहीं मांगना चाहिए, राजस्थान की लोक प्रचलित कथा से जानते हैं।
राजस्थान की लोक प्रचलित कथा
कहते हैं कि, खाटू श्याम के दरबार में जो मांगो, वो मिलता है। लेकिन बाबा श्याम से एक चीज मांगने से बचना चाहिए, क्योंकि जिसने वो मांग ली उसका सब कुछ खत्म हो गया। इसके पीछे एक पौराणिक कथा यह है कि, बहुत समय पहले राजस्थान के एक गांव में वीर नाम का लड़का रहता था।
वीर बचपन से ही बाबा श्याम का बड़ा भक्त था। हर साल वो नंगे पैर चलकर खाटू धाम जाता और बार उसकी कोई न कोई मनोकामना पूर्ण हो जाती। धीरे-धीरे वीर का विश्वास खाटू श्याम के प्रति इतना बढ़ गया कि, उसने लगने लगा बाबा से मैं जो मांगूंगा, बाबा उसे जरूर देंगे।
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एक दिन वीर के गांव में कोई बूढ़ा साधु आया, उन्होंने उससे कहा कि, बेटा खाटूश्याम बाबा सब कुछ देते हैं, लेकिन एक चीज उनसे कभी भी मत मांगना। वीर ने बाबा से पूछा वो क्या है? इस पर बाबा ने कहा, खाटू श्याम बाबा से किसी का बुरा मत मांगना।
समय बीतने के साथ वीर काफी धनवान बन गया था। लेकिन एक दिन उसके साथी ने उसे धोखा देकर सारी जमीन-जयदाद अपने नाम कर ली। गुस्से में आग बबूला होते हुए वीर खाटू श्याम पहुंचा, आंखों में आंसू और दिल में आग लिए उसने बाबा से कहा, मुझे न्याय नहीं बदला चाहिए।

वीर ने बर्बाद करने का मांगा आशीर्वाद (AI Image)
उस रात वीर को सपना आया, बाबा श्याम उसके सामने प्रकट हुए। उन्होंने शांत आवाज में कहा, मैं तुझे बदला दे सकता है, लेकिन तुझे उसकी कीमत चुकानी होगी। वीर गुस्से में बोला मुझे मंजूर है। कुछ ही दिनों में उसका दुश्मन पूरी तरह से बर्बाद हो गया, वह सब कुछ खो बैठा। लेकिन उसी समय वीर की भी परेशानियां शुरू हो गई। पिता अचानक से बीमार पड़ गया, धंधा मंदा पड़ गया, घर में क्लेश को देखकर वीर को समझ आया कि, बाबा ने मेरा बदला तो लिया, लेकिन मेरी शांति, मेरी खुशियां सब ले ली, वो रोता हुआ बाबा खाटू श्याम के दरबार पहुंचा।
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वीर ने खाटू नरेश से मांगी माफी (AI Image)
वीर ने कहा, बाबा मुझे गलती हो गई। मुझे बदला नहीं, बस आपका आशीर्वाद चाहिए। तभी उसे अंदर से एक आवाज आई, मैं अपने भक्तों को सब कुछ देता हूं, लेकिन नफरत और बदला कभी नहीं। इसलिए कहते हैं कि खाटू श्याम के दरबार में सब मांगना चाहिए, लेकिन किसी का बुरा या बर्बाद करने का वरदान नहीं मांगना चाहिए।
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