गुण मिलान में कहां रह जाती है कमी, क्यों टूट जाते हैं 'परफेक्ट' मैच वाले रिश्ते?
क्यों नाड़ी और मांगलिक दोष गुणों से अधिक महत्वपूर्ण हैं? आइए यहां इसके बारे में जानते हैं। ...और पढ़ें

Kundali Milan: जानें क्यों 36 गुणों से परे दोष परिहार देखना है जरूरी? Ai Generated Image

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शादी से पहले कुंडली मिलान की परंपरा सदियों पुरानी है। अक्सर माना जाता है कि अगर वर-वधू के 36 में से 28 या 30 गुण मिल जाएं, तो वैवाहिक जीवन सुखी होगा।
लेकिन कई बार देखने में आता है कि 36 में से 32 गुण मिलने के बाद भी शादी सफल नहीं हो पाती और बात तलाक तक पहुंच जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या केवल गुणों का मिलान ही काफी है? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुणों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण दोषों को जानना होता है।
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गुण मिलान की ग्रह स्थिति
कुंडली मिलान में कुल 36 गुण होते हैं। लेकिन ये गुण केवल मानसिक और भावनात्मक अनुकूलता को दिखाते हैं। शादी की सफलता के लिए कुंडली के सातवें भाव (विवाह भाव) और आठवें भाव यानी उम्र व मांगलिक स्थिति की मजबूती देखना जरूरी होता है। अगर गुण अधिक मिलते हैं, लेकिन विवाह का स्वामी कमजोर है, तो रिश्ता टिकना मुश्किल होता है।
नाड़ी दोष
अगर दुल्हा-दुल्हन दोनों की नाड़ी समान हो, तो नाड़ी दोष बनता है। ज्योतिष के अनुसार, समान नाड़ी होने पर वैवाहिक जीवन में सेहत से जुड़ी समस्याएं और संतान प्राप्ति में बाधा आ सकती है। कई बार यह दोष पति-पत्नी के बीच वैचारिक मतभेद की वजह भी बनता है।
मांगलिक दोष
मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा और क्रोध का कारक माना जाता है। अगर एक साथी मांगलिक है और दूसरा नहीं, तो स्वभाव और ऊर्जा में बहुत बड़ा अंतर आ जाता है, जिससे दोनों के बीच बेवजह के विवाद होते हैं। इसे नजरअंदाज करना वैवाहिक जीवन की शांति को खत्म कर सकता है।
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नाड़ी दोष के लिए
- महामृत्युंजय मंत्र का जाप - नाड़ी दोष के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए रोजाना महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए।
- सोने का दान - ज्योतिष के अनुसार, नाड़ी दोष के के लिए सोने का दान या अपनी क्षमता अनुसार करें।
- अन्न और वस्त्र दान - संकल्प लेकर ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को अनाज, गाय और वस्त्रों का दान करें।
- संकल्प और विधि-विधान - अगर नाड़ी दोष है, किसी जानकार से इसकी पूजा-पाठ करवाएं। इससे इसके बुरे प्रभाव कम हो जाएंगे।
मांगलिक दोष के लिए
- कुंभ (घड़े) विवाह - अगर विवाह से पहले मांगलिक दोष का पता चलता है, तो मांगलिक जातक का विवाह पहले किसी घड़े, पीपल के वृक्ष या भगवान विष्णु की प्रतिमा से कराया जाता है। इससे मंगल का नकारात्मक प्रभाव वहीं समाप्त हो जाते हैं।
- हनुमान चालीसा का पाठ - मांगलिक दोष के लिए हनुमान जी की पूजा सबसे शुभ है। हर मंगलवार को हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें और सिंदूर चढ़ाएं।
- मांगलिक का विवाह मांगलिक से - मांगलिक दोष के लिए सबसे बड़ा उपाय यही है कि मांगलिक का विवाह मांगलिक से ही किया जाए, जिससे दोनों की ऊर्जा समान होती है और दोष का प्रभाव कम हो जाता है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।