जगन्नाथ से द्वारकाधीश तक: देश के अलग-अलग राज्यों में किन नामों से पूजे जाते हैं भगवान श्रीकृष्ण?
भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न राज्यों और देशों में प्रचलित नामों के बारे में जानिए। इसमें उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य और लीलाएं भी शामिल हैं। ...और पढ़ें

अलग-अलग राज्यों में श्रीकृष्ण के अनोखे नाम (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म के अत्यंत पूजनीय देवताओं में से एक भगवान श्रीकृष्ण श्रीविष्णु का आठवें अवतार हैं, जिनका पृथ्वी पर आने का उद्देश्य अच्छाई और बुराई के बीच संतुलन स्थापित करना था।
5000 साल से भी ज्यादा समय पहले मथुरा में जन्मे भगवान कृष्ण को जीवन दिव्य लीला, ज्ञान और निस्वार्थ प्रेम सुंदर प्रतीक माना जाता है। देशभर में भगवान कृष्ण की पूजा अलग-अलग नाम से की जाती है। आइए जानते हैं किस राज्य में श्रीकृष्ण को क्या कहकर बुलाते हैं।
अलग-अलग राज्यों में कृष्ण के ये अनोखे नाम
| उत्तर प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण को गोपाल गोविंद जैसे नामों से बुलाया जाता है। |
| राजस्थान में श्रीनाथजी या ठाकुर जी के नाम से पुकारा जाता है। |
| महाराष्ट्र में भगवान श्रीकृष्ण विट्ठल के नाम से विख्यात है। |
| ओडिशा में उन्हें जगन्नाथ भगवान के नाम से जाना जाता है। |
| बंगाल में श्रीकृष्ण गोपालजी के रूप में पूजे जाते हैं। |
| दक्षिण भारत में कृष्ण वेंकटेश या गोविंदा के नाम से प्रसिद्ध है। |
| वहीं गुजरात राज्य में उन्हें द्वारकाधीश के नाम से जाना जाता है। |
| असम, त्रिपुरा, नेपाल जैसे पूर्वोत्तर क्षेत्रों में उनकी पूजा कृष्ण नाम से ही की जाती है। |
इंडोनेशिया, अमेरिका, इंग्लैंड और फ्रांस जैसे देशों में उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के रूप में ही पूजा जाता है। |
पिता के नाम से भी जाने जाते हैं भगवान श्रीकृष्ण
भगवान श्रीकृष्ण के पिता का नाम वासुदेव था, इसलिए उन्हें वासुदेव पुत्र के नाम से भी पुकारा जाता है। वही उनके दादा का नाम शूरसेन था।
मथुरा में जन्मे भगवान श्रीकृष्ण ने असम के राजा नरकासुर की जेल से करीब 16 हजार राजकुमारियों को रिहा कराया और उन्हें आत्महत्या करने से रोकने तथा उनका सम्मान बनाए रखने के लिए विवाह का निश्चय किया। प्राचीन काल में अगवा की गई महिलाओं को अछूत माना जाता था और समाज उन्हें स्वीकार नहीं करता था।
भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े तथ्य
भगवान श्रीकृष्ण की सिर्फ एक ही मुख्य पत्नी थीं, जिनका नाम रुक्मिणी था। रुक्मिणी महाराष्ट्र के विदर्भ के राजा रुक्मी की बहन थीं। रुक्मी शिशुपाल के दोस्त और भगवान श्रीकृष्ण के दुश्मन थे। वही दुर्योधन श्रीकृष्ण का साला था और उसकी बेटी जिसका नाम लक्ष्मणा था, उसकी शादी भगवान श्रीकृष्ण के बेटे साम्ब से हुई थी।
श्रीकृष्ण करीब 125 सालों तक पृथ्वी पर रहे। दिखने में उनका रंग गहरा काला था और उनके शरीर से हर समय अष्टगंध की पवित्र खुशबू आती थी। वे पीले रेशमी कपड़े पहनते थे और उनके सिर पर मोरपंख वाला मुकुट रहता था। भगवान कृष्ण के पैर के अंगूठे पर जरा नाम के एक शिकारी का तीर लगा था। वह शिकारी पिछले जन्म में बाली था। पैर में तीर लगने के बाद भगवान अपने धाम चले गए।
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