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    Magh Month 2026: आज से शुरू हुआ माघ का महीना, इन बातों का रखें खास ध्यान, समझें इसका महत्व

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 12:00 PM (IST)

    हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 4 जनवरी 2026 यानी आज से पवित्र माघ महीने (Magh Month 2026) की शुरुआत हो गई है, जिसे 'पुण्य का महीना' माना जाता है। यह महीना भ ...और पढ़ें

    Magh Month 2026: माघ महीने का महत्व।

    Magh Month 2026: माघ महीने का महत्व।

    HighLights

    1. आज यानी 4 जनवरी 2026 से पवित्र माघ महीने की शुरुआत हो गई है

    2. माघ का महीना भगवान विष्णु और सूर्य देव को समर्पित है

    3. माघ स्नान करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आज यानी 4 जनवरी 2026 से पवित्र माघ महीने की शुरुआत हो गई है। धार्मिक दृष्टि से माघ के महीने को 'पुण्य का महीना' कहा जाता है। पद्म पुराण के अनुसार, इस महीने में किए गए स्नान, दान और तप से व्यक्ति को वह पुण्य फल मिलता है, जो कठिन तपस्या से भी मुश्किल है। माघ का महीना (Magh Month 2026) मुख्य रूप से भगवान विष्णु और सूर्य देव को समर्पित है।

    प्रयागराज में लगने वाला माघ मेला और कल्पवास इसी महीने की महिमा को दिखाता है। अगर आप भी इस पवित्र महीने का पूर्ण लाभ लेना चाहते हैं, तो इसके कुछ नियमों का पालन जरूर करें, जो इस प्रकार हैं -

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    माघ महीने का महत्व (Magh Month 2026 Significance)

    शास्त्रों में कहा गया है कि माघ महीने में सभी पवित्र नदियों का जल अमृत के समान हो जाता है। इस महीने में मकर संक्रांति, षटतिला एकादशी और मौनी अमावस्या जैसे बड़े पर्व आते हैं। ऐसी मान्यता है कि माघ स्नान करने से व्यक्ति के पिछले जन्मों के पाप धूल जाते हैं और उसे आरोग्य की प्राप्ति होती है।

    इन बातों का रखें खास ध्यान (Magh Month 2026 Do's And Don'ts)

    • ब्रह्म मुहूर्त में स्नान - माघ महीने में सूर्योदय से पहले स्नान करने का विशेष महत्व है। अगर आप पवित्र नदी में स्नान नहीं कर सकते, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करें।
    • तिल का प्रयोग - इस पूरे महीने में तिल का सेवन और दान बहुत शुभ माना जाता है। कहते हैं कि तिल के प्रयोग से शनि और सूर्य दोष दूर होते हैं।
    • सात्विक भोजन - माघ महीने में तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। ऐसे में सात्विक भोजन करें।
    • मूलांक और मंत्र जाप - भगवान विष्णु के मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का लगातार जप करें। साथ ही रोजाना सूर्य देव को अर्घ्य दें।
    • दान का महत्व - इस महीने में गर्म कपड़े, कंबल, गुड़, तिल और अन्न का दान गरीबों को जरूर करें। माना जाता है कि माघ में किया गया दान अक्षय फल प्रदान करता है।

    भूलकर भी न करें ये काम (Naa Karen Ye Kaam)

    • देर तक न सोएं - माघ महीने में सुबह देर तक सोना स्वास्थ्य और सौभाग्य दोनों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।
    • बुरा न बोलें - इस महीने में किसी का अपमान न करें और न ही झूठ बोलें। यह महीना आत्म-शुद्धि का है, इसलिए क्रोध पर नियंत्रण रखें।
    • बेड पर न सोएं - जो लोग कल्पवास या विशेष साधना कर रहे हैं, उन्हें इस महीने भूमि पर शयन करना चाहिए और कठोर ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

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