Pradosh vrat 2026 Date: कब है माघ माह का आखिरी प्रदोष व्रत? अभी नोट करें तिथि और शिव पूजन का शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत (Pradosh vrat 2026) किया जाता है। इस दिन महादेव और मां पार्वती ...और पढ़ें
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Pradosh vrat 2026: प्रदोष व्रत के दिन कैसे करें पूजा (Image Source: AI-Generated)
HighLights
प्रदोष व्रत के दिन शिव जी की पूजा होती है
इस व्रत को करने से सभी भय दूर होते हैं
महादेव की पूजा संध्याकाल में होती है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत को विधिपूर्वक करने से भगवान शिव और मां पार्वती प्रसन्न होती हैं। महादेव की कृपा से सभी भय से मुक्ति मिलती है। इस दिन दान करने का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि दान और व्रत करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और साधक के जीवन में कोई संकट नहीं आता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि माघ महीने के आखिरी प्रदोष व्रत (Pradosh vrat 2026) की डेट और शुभ मुहूर्त के बारे में।
प्रदोष व्रत 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ महीने का आखिरी प्रदोष व्रत 30 जनवरी को किया जाएगा।
माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत- 30 जनवरी को सुबह 11 बजकर 09 मिनट पर
माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का समापन- 31 जनवरी को सुबह 08 बजकर 25 मिनट पर
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सूर्योदय और चन्द्रोदय का समय
सूर्योदय- सुबह 07 बजकर 10 मिनट पर
सूर्यास्त- शाम 05 बजकर 59 मिनट पर
चन्द्रोदय- दोपहर 03 बजकर 06 मिनट पर
चन्द्रास्त- 31 जनवरी को 05 बजकर 54 मिनट पर
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त- 05 बजकर 25 मिनट से 06 बजकर 18 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 05 बजकर 56 मिनट से 06 बजकर 23 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 23 मिनट से 03 बजकर 06 मिनट तक
सर्वार्थ सिद्धि योग- 31 जनवरी को देर रात 03 बजकर 27 मिनट 07 बजकर 10 मिनट तक
प्रदोष व्रत पूजा विधि (Pradosh Vrat Puja Vidhi)
- सुबह जल्दी उठने के बाद स्नान करें।
- सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- मंत्रों का जप करें।
- घर और मंदिर की सफाई करें।
- दीपक जलाकर महादेव और मां पार्वती की पूजा करें।
- शिव जी को बेलपत्र, गंगाजल और धतूरा चढ़ाएं।
- व्रत कथा का पाठ करें।
- शिव चालीसा का पाठ करें।
- फल और मिठाई का भोग लगाएं।
- प्रभु से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।
- मंदिर या गरीब लोगों में विशेष चीजों का दान करें।
ध्यान रखें ये बातें
- किसी से वाद-विवाद न करें
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
- तामसिक चीजों का सेवन न करें।
- अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।
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