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    Mahabharat Katha: कौन थी अर्जुन की नाग पत्नी उलूपी? जानिए कैसे हुआ इनका विवाह

    Updated: Tue, 13 Jan 2026 01:30 PM (IST)

    द्रौपदी के बारे में तो हम सभी जानते हैं, जो पांचों पांडवों की पत्नी थीं। बहुत कम लोग अर्जुन की चौथी पत्नी उलूपी के बारे में जानते होंगे। यह माना जाता ...और पढ़ें

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। महाभारत में ऐसे कई पात्र रहे हैं, जिन्होंने अहम भूमिका निभाई है, लेकिन उनके बारे में कम ही लोग जानते हैं। आज हम आपको अर्जुन की  पत्नी उलूपी से जुड़ी कथा बताने जा रहे हैं, जिसने अर्जुन को जल में हानिरहित रहने का वरदान दिया था। इतना ही नहीं, युद्ध में अपने गुरु भीष्म पितामह को मारने के बाद उलूपी ने ही अर्जुन को श्राप मुक्त भी किया था।

    इस तरह अर्जुन को मिली उलूपी

    महाभारत की कथा के अनुसार, द्रौपदी हर पांडव के साथ 1-1 साल के समय-अंतराल के लिए पत्नी के रूप में रहती थी। उस समय किसी दूसरे पांडव को द्रौपदी के आवास में घुसने की अनुमति नहीं थी। इस नियम को तोड़ने वाले पांडव को 1 साल तक देश से बाहर रहने का दंड दिया जाता था। जब द्रौपदी और अर्जुन की 1 वर्ष की अवधि समाप्त हुई, तो द्रौपदी युधिष्ठिर के साथ पत्नी के रूप में रहने लगी।

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    (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    अर्जुन ने तोड़ा नियम

    तब अर्जुन अपना तीर-धनुष द्रोपदी के कष में ही भूल आया, जिसकी उसे किसी दुष्ट से ब्राह्मण के पशुओं की रक्षा के लिए आवश्यकता थी। तब उसने क्षत्रिय धर्म का पालन करने हुए अपना तीर-धनुष लेने के लिए नियम तोड़ दिया और वह द्रौपदी के निवास में घुस गया। इसके बाद दंडस्वरूप अर्जुन को 1 साल के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ा।

    इसी दौरान उसकी मुलाकात उलूपी से हुई और वह अर्जुन पर मोहित हो गई थी। उलूपी असल में एक जलपरी नागकन्या थी।  उसने उन्होंने अर्जुन के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा। अर्जुन ने नागकन्या उलूपी को अपनी भार्या रूप में स्वीकार किया और एक साल तक उसके साथ रहने के बाद अपने राज्य वापस लौट आए।

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    (AI Generated Image)

    उलूपी और अर्जुन का पुत्र

    विष्णु पुराण में वर्णन मिलता है कि अर्जुन और उलूपी का एक पुत्र भी हुआ, जिसका नाम इरावन था। वह अर्जुन की तरह ही रूपवान, बलवान, गुणवान और सत्य पराक्रमी था। आज इरावन को किन्नर समाज के लोग अपने देवता के रूप में पूजते हैं।

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