यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि पर इस तरह शिवलिंग पर चढ़ाएं लौंग का जोड़ा, सभी बाधाएं होंगी दूर
सनातन धर्म में महाशिवरात्रि पर्व (Mahashivratri 2025) को खास महत्व दिया जाता है। इस दिन को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में मनाया ज ...और पढ़ें

HighLights
- भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है महाशिवरात्रि का पर्व।
- इस दिन व्रत करने से साधक को मिलती है भगवान शिव की कृपा।
- शिव जी संग माता पार्वती की भी जरूर करनी चाहिए पूजा-अर्चना।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि भगवान शिव के लिए समर्पित है, इस दिन महाशिवरात्रि का पर्व बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। ऐसे में यह पर्व बुधवार, 26 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा। वैसे तो महादेव एक लोटा जल चढ़ाने मात्र से प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन इस दिन पर आप शिवलिंग पर लौंग का जोड़ा चढ़ाकर और भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मिलते हैं ये लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लौंग को शिव-शक्ति का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में महाशिवरात्रि के दिन शिव जी को लौंग का जोड़ा अर्पित करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है। इसी के साथ शिव जी को लौंग अर्पित करने से साधक को सभी प्रकार के नकारात्मक विचारों और ऊर्जा से मुक्ति मिलती है व मन शांत होता है।
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(Picture Credit: Freepik)
ज्योतिष शास्त्र में बताया है लाभ
ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, लौंग को ऊर्जा का कारक माना गया है। ऐसे में महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर लौंग चढ़ाने की से जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। साथ ही किसी जरूरी काम में आ रही बाधा भी दूर होती है।
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ग्रह दोष से मिलता है छुटकारा
लौंग का रंग काला होता है, जिस कारण इसे राहु-केतु से भी जोड़कर देखा जाता है। इस प्रकार आप महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर लौंग का जौड़ा अर्पित कर इन ग्रहों से जुड़े कुंडली दोष को भी शांत कर सकते हैं।
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कैसे चढ़ाएं लौंग का जोड़ा
महाशिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसके बाद मंदिर जाएं और एक लोटे में जल लेकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इस दौरान ओम नमः शिवाय का निरंतर जप करते रहें। इसके बाद दो लौंग लेकर शिवलिंग पर अर्पित कर दें। अब शिवलिंग के समक्ष एक घी का दिया जलाएं और महादेव की आरती करें।
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