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    Mahashivratri 2026 Date: इन शुभ योग में मनाई जाएगी महाशिवरात्रि, कैसे करें शिव जी की विशेष पूजा?

    Updated: Sat, 24 Jan 2026 01:56 PM (IST)

    महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक है। इस दिन कई दुर्लभ योग बन रहे हैं, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। व ...और पढ़ें

    Mahashivratri 2026 Date: महाशिवरात्रि का महत्व। ( AI Generated Image)

    Mahashivratri 2026 Date: महाशिवरात्रि का महत्व। ( AI Generated Image)

    HighLights

    1. महाशिवरात्रि का दिन बेहद पावन माना जाता है

    2. यह शिव-शक्ति के मिलन की रात है

    3. इस रात जागरण करने और ध्यान करने का विशेष महत्व है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का दिन बेहद पावन माना जाता है। यह देवों के देव महादेव और माता शक्ति के मिलन का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। साल 2026 में महाशिवरात्रि का पर्व बेहद खास होने वाला है, क्योंकि इस दिन (Mahashivratri 2026) कई दुर्लभ योग बन रहे हैं। आइए इस पर्व से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।

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    Ai Generated

    महाशिवरात्रि 2026 कब है? (Mahashivratri 2026 Date And Shubh Muhurat)

    हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 05 बजकर 34 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 16 फरवरी को शाम 06 बजकर 04 मिनट पर होगा। ऐसे में 15 फरवरी के दिन महाशिवरात्रि (Phalguna Chaturdashi Vrat Date) मनाई जाएगी।

    दुर्लभ योगों का महासंगम (Mahashivratri 2026 Shubh Yog)

    फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी महाशिवरात्रि के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसके साथ ही इस दिन अभिजीत मुहूर्त भी है। इसके अलावा, महाशिवरात्रि पर भद्रावास योग का भी संयोग है। इन दौरान आप भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

    कैसे करें महादेव की विशेष पूजा? (Mahashivratri 2026 Rituals)

    • शिवलिंग पर गंगाजल, कच्चा दूध, शहद और घी से अभिषेक करें।
    • 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करते हुए कम से कम 11 या 21 बिल्व पत्र चढ़ाएं।
    • अगर हो पाए तो इस दिन योग्य ब्राह्मण द्वारा रुद्राभिषेक कराएं, जिससे ग्रहों के अशुभ प्रभाव समाप्त होते हैं।

    महाशिवरात्रि का महत्व (Mahashivratri 2026 Significance)

    महाशिवरात्रि केवल एक व्रत नहीं, बल्कि शिव-शक्ति के मिलन की रात है। इस रात जागरण करने और ध्यान करने का विशेष महत्व है। माना जाता है कि ऐसा करने से शिव-शक्ति की विशेष कृपा मिलती है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।