घर में चिड़िया ने बना लिया है घोंसला, तो भविष्य को लेकर मिल सकते हैं ये संकेत
वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि घर में किसी पक्षी का घोंसला बनाना शुभ व अशुभ दोनों तहर के संकेत दे सकता है। अगर आपके घर में भी किसी पक्ष ...और पढ़ें

कैसा होता है घर में पक्षी का घोंसला बनाना। (Picture Credit: Freepik)
HighLights
चिड़िया का घोंसला हो सकता है एक खास संकेत।
वास्तु शास्त्र में बताया गया है इसका महत्व।
नकारात्मक संकेत भी दे सकते हैं इस तरह के घोंसलें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कभी-कभी घर की बालकनी या छत पर पक्षी घोंसला बना लेते हैं। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि यह आपके लिए एक खास संकेत हो सकता है, ऐसे में इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चलिए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार, घर में चिड़िया का घोंसला बनाना शुभ होता या अशुभ।
कैसा होता है घोंसला बनाना
वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि चिड़िया का घोंसला बनाना शुभ होता है, खासकर अगर वह गौरैया, तोता, कबूतर या फिर मैना का हो। माना जाता है कि यह इस बात का संकेत है कि घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आएगी।
इसके साथ ही अगर आपके घर में कोई पक्षी अंडे देता है, तो इसे सौभाग्य में वृद्धि का संकेत माना जाता है। इसका अर्थ यह माना गया है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ेगा और आर्थिक लाभ के अवसरों में वृद्धि होगी।

(Picture Credit: Freepik)
घर आती है सुख-समृद्धि
वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर चिड़िया या गौरैया ने आपकी बालकनी या फिर घर में लगे पेड़ पर घोंसला बनाया है, तो यह आपके लिए एक शुभ संकेत है। इसका अर्थ है कि आपके घर में सुख-समृद्धि का माहौल बना रहेगा। लेकिन घर के अंदर पक्षियों के टूटे हुए पंख आना शुभ नहीं माना जाता।
खबरें और भी

(Picture Credit: Freepik)
इन बातों का रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र में यह माना गया है कि घर में चमगादड़, कौए, चील या गिद्ध आदि का घोंसला बनाना शुभ नहीं होता। इससे घर में को नेगेटिव एनर्जी फैल सकती है। ऐसे में अगर आप इन घोंसले को हटाते हैं, तो इसे बिना नुकसान पहुंचाए दूसरी जगह स्थापित कर देना चाहिए, वरना आपको नकारात्मक परिणाम भी मिल सकते हैं।
यह भी पढ़ें - Banyan Tree: घर में बरगद का पेड़ उगना शुभ या अशुभ? मिलते हैं ये संकेत
यह भी पढ़ें - Dream Astrology: सपने में बार-बार आ रहे हैं कीड़े-मकोड़े, तो क्या हो सकता है इनका मतलब?
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।