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    हनुमान जी की कृपा और मंगल दोष शांति के लिए, मंगलवार व्रत में रखें इन बातों का ध्यान

    By Suman SainiEdited By: Suman Saini
    Updated: Tue, 20 Jan 2026 12:00 PM (GMT+05:30)

    मंगलवार व्रत हनुमान जी और मंगल ग्रह को समर्पित है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से मंगल दोष शांत होता है और नकारात्मकता दूर होती है। इस व्रत का पूर ...और पढ़ें

    mangalwar vrat niyam in hindi

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    HighLights

    1. हनुमान जी और मंगल ग्रह को समर्पित है मंगलवार व्रत

    2. पूर्ण फल पाने के लिए व्रत नियमों का पालन करना है जरूरी

    3. नियमों की अनदेखी से नाराज हो सकते हैं बजरंगबली

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली।  मंगलवार व्रत व्रत करने से साधक को न केवल बजरंगबली जी की कृपा मिलती है, बल्कि साधक के आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि मंगलवार व्रत में आपको किन गलितयों से बचना चाहिए, ताकि आपकी साधना में किसी तरह की बाधा न पहुंचे।

    इस तरह करें व्रत

    • सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें और लाल रंग के वस्त्र पहनें।
    • हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान मंदिर जाकर परिक्रमा करें।
    • पूजा में हनुमान जी को लाल रंग के फल और फूल, बूंदी या फिर गुड़ और चने का प्रसाद चढ़ाएं।
    • पूजा के दौरान हनुमान चालीसा व मंत्रों का जप करें।
    • मंगलवार व्रत में फलाहार या एक समय भोजन करना चाहिए।
    • हनुमान जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और आरती कर व्रत अपना व्रत खोलें।
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    (Picture Credit: Freepik)

    इन बातों का रखें ध्यान

    मंगलवार व्रत में साधक को ब्रह्मचर्य व पवित्रता का पूरा ध्यान रखना चाहिए। व्रत में दिन में सोने से बचें। मंगलवार व्रत का उद्यापन जरूर करें, क्योंकि इसके बाद ही व्रत पूर्ण माना जाता है। इस व्रत का पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए आपको इसे लगातार 21 या फिर 45 मंगलवार तक रखना चाहिए।

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    (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    न करें ये गलतियां

    मंगलवार व्रत में साधारण नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन भूल से भी प्याज-लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही व्रत करने वाले साधक को मांस-मदिरा के सेवन से भी दूर रहना चाहिए। साथ ही इस दिन पर बाल-नाखून काटने की भी मनाही होती है। व्रत करने वाले साधक वाद-विवाद आदि से दूर रहें। हनुमान जी को समर्पित इस व्रत में पवित्रता व अनुशासन का ध्यान जरूर रखें, तभी आपको पूर्ण फल की प्राप्ति हो सकती है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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