Margashirsha Amavasya पर रखें इन बातों का ध्यान, ताकि बने रहे पितरों की कृपा
अमावस्या तिथि मुख्य रूप से पितरों को समर्पित मानी गई है। ऐसे में आप मार्गशीर्ष अमावस्या पर पितरों की कृपा पाने के लिए इन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहि ...और पढ़ें
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Margashirsha Amavasya 2025
HighLights
20 नवंबर को पड़ रही है मार्गशीर्ष अमावस्या।
पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए खास है यह दिन।
इस दिन कुछ कामों को करने से बचना चाहिए।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पंचांग के अनुसार, इस बार मार्गशीर्ष अमावस्या (Margashirsha Amavasya 2025) 20 नवंबर को पड़ रही है। यह तिथि पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए उत्तम मानी गई है। इस दिन पर कुछ नियमों का ध्यान रखना भी जरूरी है, ताकि आपको किसी तरह के बुरे परिणाम न झेलने पड़े।
इन बातों का रखें ध्यान
माना जाता है कि अमावस्या के दिन बुरी शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है। ऐसे में इस दिन पर रात के समय घर से बाहर जाने से बचना चाहिए। इसके साथ ही किसी तरह की नकारात्मक स्थान या फिर शमशान आदि पर भी जाने से बचना चाहिए। वरना आपको नकारात्मक परिणाम झेलने पड़ सकते हैं।
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(Picture Credit: Freepik)
भूल से भी न करें ये काम
मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन सूर्य तुलसी में जल अर्पित करना शुभ नहीं माना गया। इसके साथ ही इस दिन पर न तो तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए और न ही तुलसी को स्पर्श करना चाहिए। ऐसा करने से आपको आपको अच्छे परिणाम नहीं मिलते। आप इस दिन पर शाम के समय तुलसी के पास घी का दीपक जला सकते हैं। इसके साथ ही तुलसी की 7 या 11 बार परिक्रमा करने से भी आपको शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
मिल सकते हैं अशुभ परिणाम
अमावस्या के दिन मांस-मदिरा का सेवन करने से भी बचना चाहिए। इसके साथ ही अमावस्या के दिन बाल और नाखून काटने से भी बचना चाहिए। इस दिन पर शुभ कार्य जैसे नया वाहन खरीदना और गृह प्रवेश जैसे कार्य करना भी शुभ नहीं माना गया।
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इन कामों की भी है मनाही
अमावस्या के दिन यात्रा करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे सफलता मिलने की संभावना कम हो सकती है। इसके साथ ही इस दिन पर किसी भी तरह का नया काम शुरू करने से भी बचना चाहिए। ऐसा करने से घर में नकारात्मकता का प्रवेश हो सकता है।
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