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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Margashirsha Purnima 2023: मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर इस विधि से करें भगवान विष्णु की पूजा, जीवन होगा सुखमय

    By Jagran News Edited By: Pravin Kumar
    Updated: Fri, 22 Dec 2023 04:36 PM (IST)

    मार्गशीर्ष पूर्णिमा 26 दिसंबर को है। धार्मिक मत के अनुसार इस दिन गंगा स्नान करने का विधान है। इसके अलावा पूजा जप-तप और दान भी किया जाता है। मान्यता के ...और पढ़ें

    Margashirsha Purnima 2023: मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर इस विधि से करें भगवान विष्णु की पूजा, जीवन होगा सुखमय
    Margashirsha Purnima 2023: मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर इस विधि से करें भगवान विष्णु की पूजा, जीवन होगा सुखमय

    HighLights

    1. सनातन धर्म में मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत बेहद शुभ माना गया है।
    2. मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने का विधान है।
    3. मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Margashirsha Purnima 2023: सनातन धर्म में मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत बेहद शुभ माना गया है। प्रत्येक महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के अगले दिन पूर्णिमा तिथि पड़ती है। इस बार मार्गशीर्ष पूर्णिमा 26 दिसंबर को है। धार्मिक मत के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान करने का विधान है। इसके अलावा पूजा, जप-तप और दान भी किया जाता है। मान्यता है कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से घर में सुख- समृद्धि का आगमन होता है। तो चलिए आपको बताते हैं कि किस प्रकार मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए, जिससे आपको पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो।

    मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2023 डेट और शुभ मुहूर्त

    इस बार मार्गशीर्ष पूर्णिमा 26 दिसंबर को है। दैनिक पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 26 दिसंबर को सुबह 05 बजकर 46 मिनट से शुरू होकर अगले दिन यानि 27 दिसंबर को सुबह 06 बजकर 02 मिनट पर समाप्त होगी।

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    मार्गशीर्ष पूर्णिमा पूजा विधि

    • मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन सुबह उठकर स्नान करें और पीले वस्त्र धारण करें।
    • इसके बाद भगवान सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें।
    • अब भगवान विष्णु जी को फल, फूल, मिठाई, गंध और वस्त्र अर्पित करें।
    • मां लक्ष्मी को गुलाबी या लाल फूलों समेत श्रृंगार की चीजें अर्पित करें।
    • इसके बाद विष्णु चालीसा का पाठ करें। पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण की कथा पढ़ने या सुनना शुभ होता है।
    • अब आरती करें। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को भोग लगाएं और अंत में प्रसाद का वितरण करें।
    • इस दिन गरीब लोगों को दान देना चाहिए।

    पूर्णिमा व्रत के लाभ

    • मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत करने से आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है।
    • पारिवारिक रिश्तों में सुख-शांति का आगमन होता है।
    • इसके अलावा रुके हुए काम पूरे होते हैं।
    • वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।
    • साधक की मनचाही मनोकामना पूरी होती है।

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    Author- Kaushik Sharma

    डिसक्लेमर- इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

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