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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Marriage Rituals: विवाह के दौरान पति द्वारा पत्नी को दिए जाते हैं ये 7 वचन, जानिए इनका महत्व

    By Suman SainiEdited By: Suman Saini
    Updated: Fri, 01 Dec 2023 02:35 PM (IST)

    Hindu Marriage हिंदू विवाह के दौरान लिए जाने वाले 7 फेरों का संबंध साथ जन्मों से माना जाता है। इस दौरान पवित्र अग्नि के सात फेरे लेकर पति द्वारा पत्नी ...और पढ़ें

    Hindu Marriage Ritual विवाह के दौरान पति से पत्नी द्वारा लिए जाते हैं ये 7 वचन।
    Hindu Marriage Ritual विवाह के दौरान पति से पत्नी द्वारा लिए जाते हैं ये 7 वचन।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Hindu Marriage Ritual: विवाह हिंदू धर्म के सोलह संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है। विवाह संस्कार के दौरान कई तरह के रीति-रिवाज निभाए जाते हैं, जिनमें से 7 फेरे लेना भी एक महत्वपूर्ण रस्म है। इसके बिना विवाह अधूरा माना जाता है। फेरों के दौरान पवित्र अग्नि के सात फेरे लिए जाते हैं और पति-पत्नी अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए कुछ कस्में लेते हैं। आइए जानते हैं कि वह 7 वचन कौन-से  हैं।

    पहला वचन

    सात वचनों में से पहले वचन पर दुल्हन, दूल्हे से यह वचन लेती है कि शादी के बाद जब भी आप कोई व्रत-उपवास करें या किसी धार्मिक स्थान पर जाएं तो मुझे भी अपने साथ शामिल करें। अगर आप मेरी इस से सहमत हैं, तो मैं आपके साथ जीवन यापन करने के लिए तैयार हूं।

    दूसरा वचन

    दूसरे वचन में पत्नी अपने होने वाले पति से यह वचन मांगती है कि जिस प्रकार आप अपने माता-पिता का सम्मान करते हैं, ठीक उसी प्रकार आप मेरे माता-पिता का भी सदैव सम्मान करेंगे। अगर आप इस बात को स्वीकार करते हैं, तो मुझे आपके वामांग (बाएं अंग का अधिकारी) में आना स्वीकार है।

    तीसरा वचन

    तीसरा वचन कन्या द्वारा अपने वर से यह लिया जाता है कि जीवन की तीनों अवस्थाओं में आप मेरे साथ खड़े रहेंगे और मेरी बातों का पालन करेंगे, तो ही मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूं।

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    चौथा वचन

    कन्या द्वारा चौथा वचन यह लिया जाता है, कि अब आपके ऊपर कोई विशेष जिम्मेदारी नहीं थी। पर अब जब आपका विवाह होने जा रहा है,  तो आपको अपने परिवार की जिम्मेदारियों का पूर्ण रूप से निर्वाह करना होगा। अगर आप मेरी इस बात से सहमत हैं, तो ही मैं आपके साथ आने के लिए तैयार हूं।

    पांचवा वचन

    पत्नी अपने पति से पांचवा वचन यह लेती है कि अगर आप घर के लेन-देन या किसी भी महत्वपूर्ण खर्चे में मेरी भी राय लेंगे, तब ही मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूं।

    छठा वचन

    पत्नी द्वारा अपने पति से यह वचन भी लिया जाता है कि यदि में सखियों या अन्य किसी स्त्री के साथ बैठकर समय व्यतीत रही हूं, तो उस समय आप किसी प्रकार से भी मेरा अपमान नहीं करेंगे। साथ ही किसी भी प्रकार की बुरी आदत जैसे जुआ आदि से खुद को दूर रखेंगे। अगर आप मेरी इस बात को मानते हैं, तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूं।

    सातवां वचन

    सात फेरों के दौरान सातवें और आखिरी वचन यह लिया जाता है कि आप पराई स्त्री को अपनी माता और बहन के रूप में देखेंगे और हमारे संबंध के बीच तीसरे किसी व्यक्ति का कोई स्थान नहीं होगा। यदि आप यह वचन मुझे देते हैं तो मैं आपके साथ आने के लिए तैयार हूं।

    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'