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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Masik Durgashtami 2024: मासिक दुर्गाष्टमी पर बन रहे हैं ये शुभ योग, पूजा का मिलेगा दोगुना फल

    Updated: Thu, 11 Jul 2024 02:58 PM (IST)

    मासिक दुर्गाष्टमी का पर्व बहुत ही कल्याणकारी माना जाता है। इस माह यह त्योहार 14 जुलाई 2024 दिन रविवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस द ...और पढ़ें

    Masik Durgashtami 2024: मासिक दुर्गाष्टमी पर बन रहे हैं ये 4 शुभ योग
    Masik Durgashtami 2024: मासिक दुर्गाष्टमी पर बन रहे हैं ये 4 शुभ योग

    HighLights

    1. मासिक दुर्गाष्टमी का सनातन धर्म में बड़ा ही धार्मिक महत्व है।
    2. इस माह यह त्योहार 14 जुलाई को मनाया जाएगा।
    3. यह पर्व मां दुर्गा को समर्पित है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मासिक दुर्गाष्टमी का त्योहार सभी देवी भक्तों के लिए बहुत खास होता है। यह पर्व हर माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बड़ी धूमधाम और भक्ति के साथ मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है, जो साधक इस पावन अवसर पर मां आदिशक्ति (Goddes Durga) की आराधना करते हैं, उन्हें नवरात्र के बराबर फल प्राप्त होता है। इस बार मासिक दुर्गाष्टमी (Masik Durga Ashtami) 14 जुलाई को मनाई जाएगी, तो आइए

    इस दिन बनने वाले शुभ योग के बारे में जानते हैं, जिसमें पूजा करने से उसका दोगुना फल प्राप्त होगा। इसके साथ ही घर में खुशहाली का आगमन होगा।

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    मासिक दुर्गाष्टमी पर बन रहे हैं ये 4 शुभ योग

    • रवि योग - रात्रि 10 बजकर 06 मिनट से अगले दिन सुबह 05 बजकर 33 मिनट तक।
    • अभिजित मुहूर्त - प्रात: 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक।
    • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 45 मिनट से दोपहर 03 बजकर 40 मिनट तक।
    • अमृत काल - दोपहर 02 बजकर 57 मिनट से शाम 04 बजकर 44 मिनट तक।

    शुभ मुहूर्त

    हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 13 जुलाई को दोपहर 03 बजकर 05 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 14 जुलाई को संध्याकाल 05 बजकर 52 मिनट पर होगा। पंचांग के आधार पर 14 जुलाई को आषाढ़ माह की मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी।

    देवी पूजन मंत्र

    1. ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।

    दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

    2. या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,

    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।