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    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या की रात करें ये उपाय, होंगे राजा की तरह धनवान

    Updated: Sun, 07 Dec 2025 05:00 PM (IST)

    मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो माघ मास में आती है और 18 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन मौन रहकर स्नान-दान का विशेष महत्व है ...और पढ़ें

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या के उपाय।

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या के उपाय।

    HighLights

    1. मौनी अमावस्या का हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्व है।

    2.  यह तिथि पितरों को समर्पित है।

    3. साल 2026 की मौनी अमावस्या 18 जनवरी को मनाई जाएगी।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मौनी अमावस्या का हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्व है। यह महत्वपूर्ण तिथियों में से एक है। माघ महीने में पड़ने वाली इस अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है, क्योंकि इस दिन मौन रहकर स्नान-दान करने का विशेष महत्व है। यह तिथि पितरों को समर्पित है। पंचांग के अनुसार, साल 2026 की मौनी अमावस्या 18 जनवरी को मनाई जाएगी। कहा जाता है कि इस अमावस्या (Mauni Amavasya 2026 ) की रात किए गए कुछ उपाय जीवन में आने वाले सभी कष्टों से मुक्ति दिला सकते हैं। आइए जानते हैं -

    मौनी अमावस्या की रात करें ये 5 अचूक उपाय (Mauni Amavasya 2026 Night Rituals)

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    AI Genereted Image

    पीपल के पेड़ की पूजा और दीपक

    अमावस्या की रात पीपल के पेड़ पर देवी-देवताओं और पितरों का वास माना जाता है। ऐसे में सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के पास जाएं। उन्हें जल और कच्चा दूध अर्पित करें। इसके बाद पेड़ के नीचे सरसों के तेल का नौ मुखी दीपक जलाएं। दीपक जलाने के बाद बिना पीछे मुड़े घर वापस आ जाएं। ऐसा करने से पितृ दोष समाप्त होता है और धन के नए-नए मार्ग खुलते हैं।

    तुलसी और लक्ष्मी जी की विशेष पूजा

    तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में रात के समय स्नान करके तुलसी के पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद माता लक्ष्मी की प्रतिमा के सामने श्री सूक्त का पाठ करें। ऐसा करने से घर में स्थायी लक्ष्मी का वास होता है।

    काले तिल और अन्न का दान

    यह तिथि पितरों को समर्पित है। कहा जाता है कि तिल और अन्न का दान करने से पितर खुश होते हैं। ऐसे में अमावस्या की रात को काले तिल और गेहूं या चावल को एक कपड़े में बांधकर किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर दें। ऐसा करने से कुंडली से शनि का अशुभ प्रभाव कम होगा और धन लाभ के योग बनेंगे।

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    चांदी या तांबे के पात्र में जल

    रात के समय अपने पूजा स्थल या घर के सबसे शुद्ध स्थान पर चांदी या तांबे के पात्र में जल भरकर रखें। अगले दिन इस जल को पूरे घर में छिड़क दें। ऐसा करने से घर में सुख-शांति का वास होता है।

    मछलियों को खिलाएं

    मछलियों को भोजन कराना बहुत अच्छा माना जाता है। अमावस्या की रात या अगले दिन सुबह आटे में थोड़ी हल्दी मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बनाएं और किसी नदी या तालाब में जाकर मछलियों को खिलाएं। ऐसा करने से शनि और राहु-केतु के बुरे प्रभाव से मुक्ति मिलेगी। साथ ही भाग्य का साथ मिलेगा।

    यह भी पढ़ें- Mauni Amavasya 2026: कब है मौनी अमावस्या? क्यों इतना महत्व रखता है इस दिन का स्नान?

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।