सौभाग्य के द्वार खोल देगा मेष संक्रांति पर किया गया दान, मिलेगी सूर्य देव की असीम कृपा
जब सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मेष संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में 14 अप्रैल को मेष संक्रांति मनाई जाएगी ...और पढ़ें

मेष संक्रांति पर करें ये दान (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
मेष संक्रांति पर होता है खरमास समाप्त
दान करने से कुंडली में सूर्य होता है मजबूत
सूर्य देव की कृपा से होती है आत्मविश्वास में वृद्धि
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मेष संक्रांति से खरमास की समाप्ति होती है और मांगलिक कार्य शुरू होते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इसे 'सौर नववर्ष' की शुरुआत भी माना जाता है, क्योंकि इस दिन सूर्य देव अपनी उच्च राशि अर्थात मेष राशि में प्रवेश करते हैं।
मेष संक्रांति पर दान उतना ही प्रभावी माना गया है, जितना कि अन्य संक्रांतियों पर। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आप इस विशेष दिन पर किन चीजों का दान करके सूर्य देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
जरूर करें इन चीजों का दान
अगर आप करियर में बाधाओं या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो मेष संक्रांति के दिन आप कुछ विशेष चीजों के दान के द्वारा भाग्य के द्वार खोल सकते हैं। ऐसे में आपको मेष संक्रांति पर अपनी क्षमता के अनुसार इन चीजों का दान करना चाहिए -
- सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए आप लाल रंग की चीजों जैसे लाल चंदन, केसर, लाल वस्त्र, लाल फल और लाल रंग के फूल आदि का दान कर सकते हैं।
- मेष संक्रांति पर गुड़ और गेहूं का दान करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होता है और जातक के मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
- भाग्य में वृद्धि के लिए चने की दाल, हल्दी और पीले रंग के कपड़ों का दान करना चाहिए।
- मेष संक्रांति के दिन तिल और अन्न का दान करने से शनि देव के प्रतिकूल प्रभावों को कम किया जा सकता है।
- मेष संक्रांति पर सत्तू-गुड़ का दान करना भी विशेष फलदायी है।
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मिलते हैं ये चमत्कारिक लाभ
मेष संक्रांति सूर्य देव की कृपा प्राप्ति के लिए विशेष लाभकारी है। इसे पुण्य काल का समय माना जाता है, जिसमें किए गए दान का फल कई गुना अधिक मिलता है। ऐसे में मेष संक्रांति पर किए गए दान से जातक को 'पुण्य' फलों की प्राप्ति होती है।
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साथ ही इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, जिससे जातक के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में इजाफा होता है। मेष संक्रांति पर दान करने से साधक को जीवन में सुख, समृद्धि और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है और कुंडली के कई दोष भी शांत होते हैं।

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कर सकते हैं ये काम
मेष संक्रांति पर स्नान, दान और सूर्य पूजा का विशेष महत्व माना गया है। ऐसे में संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर पुण्य काल में किसी पवित्र नदी जैसे गंगा या यमुना में स्नान करें। अगर आपके लिए ऐसा करना संभव न हो, आप घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा-सा गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं।
इस दिन तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल फूल, अक्षत (साबुत चावल) और थोड़ा-सा कुमकुम मिलाएं और सूर्य देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य के दौरान "ॐ सूर्याय नमः" व "ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का जप करें। इन सभी कार्यों से आपको सूर्य देव की विशेष कृपा की प्राप्ति हो सकती है।
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