वैशाख में क्यों है सूर्योदय से पहले नहाने का नियम, सत्तू और छाते का दान क्यों है इतना जरूरी?
वैशाख महीना आज यानी 3 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है। स्कंद पुराण के अनुसार, पढ़ें इस पवित्र महीने ...और पढ़ें

वैशाख मास में भूलकर भी न करें ये काम (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना हमें एक नया मौका देता है। चैत्र मास के बाद अब वैशाख का पावन महीना शुरू हो चुका है। पंचांग के मुताबिक, इस साल वैशाख मास 3 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 1 मई 2026 तक चलेगा। गर्मी के इस मौसम में आने वाले इस महीने को धार्मिक नजरिए से बहुत ही खास और पुण्य कमाने वाला माना गया है।
स्कंद पुराण, जो कि एक प्रमुख हिंदू धार्मिक ग्रंथ है, उसमें इस महीने को 'माधव मास' का नाम दिया गया है। माधव, यानी भगवान विष्णु का ही एक रूप। ऐसा माना जाता है कि यह पूरा महीना भगवान श्री हरि को बेहद प्रिय है। इस दौरान किए गए छोटे-छोटे अच्छे कामों का फल भी कई गुना बढ़ कर मिलता है। यह वक्त सादगी, संयम और दूसरों की भलाई करने का है।
स्नान का अद्भुत महत्व
वैशाख के महीने में सुबह जल्दी उठकर स्नान (नहाने) की एक अलग ही अहमियत है। धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों में बताया गया है कि इस महीने में सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी, खास तौर पर गंगा में नहाने से इंसान के सारे कष्ट और पाप धुल जाते हैं।
अब आज के समय में हर किसी के लिए रोज नदी पर जाना मुमकिन नहीं है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है! आप अपने घर के नहाने के पानी में ही थोड़ा सा गंगा जल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इससे भी वही पुण्य मिलता है और आत्मा को शांति मिलती है।
क्या नियम हैं और क्या दान करें?
चूंकि, इस वक्त गर्मी अपने चरम पर होती है, इसलिए शास्त्रों में 'जल दान' (प्यासे को पानी पिलाना) को सबसे बड़ा दान बताया गया है।

(Image Source: AI-Generated)
क्या करें
- राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना
- मिट्टी के मटके दान करना
- छाता, चप्पल, सत्तू और तरबूज जैसे ठंडे फलों का दान
इन चीजों को सीधे तौर पर भगवान विष्णु की सेवा करने के बराबर माना गया है।
क्या न करें
- पौराणिक नियमों के अनुसार, इस महीने में तामसिक भोजन (मांसाहार, शराब, प्याज और लहसुन) से बचना चाहिए।
- किसी से झगड़ा न करें, गुस्सा न करें
- पानी की बिल्कुल भी बर्बादी न करें
यह भी पढ़ें- Vaishakh Month 2026: 3 अप्रैल से 1 मई तक चलेगा वैशाख मास, अक्षय तृतीया-जानकी नवमी समेत कई पर्व
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।