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    वैशाख माह में दान का मिलता है 100 गुना फल, जानें कब से हो रही शुरुआत और क्या हैं इसके कड़े नियम?

    Updated: Mon, 30 Mar 2026 12:21 PM (IST)

    वैशाख महीने (Vaishakh Month 2026 Starting) में किया गया दान अक्षय फल देता है। इस दौरान श्री हरि की पूजा होती है। ...और पढ़ें

    Vaishakh Month 2026: वैशाख माह के नियम। (Ai Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Vaishakh Month 2026: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, चैत्र माह की समाप्ति के साथ ही साल के दूसरे और सबसे पवित्र महीनों में से एक वैशाख की शुरुआत होती है। धार्मिक ग्रंथों में वैशाख माह को माधव मास कहा गया है, जो भगवान विष्णु का सबसे प्रिय महीना है। स्कंद पुराण के अनुसार, इस महीने के समान कोई दूसरा महीना नहीं है, क्योंकि इसमें किया गया एक छोटा सा दान भी अक्षय फल फल प्रदान करता है।

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    कब से हो रही है शुरुआत? (Vaishakh Month 2026 Starting Date)

    साल 2026 में वैशाख माह की शुरुआत 3 अप्रैल, बुधवार से हो रही है। चैत्र पूर्णिमा के अगले दिन यानी प्रतिपदा तिथि से इस पावन महीने का आगाज हो जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से इस समय सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे गर्मी का प्रभाव बढ़ने लगता है, इसीलिए इस माह के नियम प्रकृति और सेहत से गहरे जुड़े हैं।

    दान का महत्व (Vaishakh Month 2026 Daan Significance)

    वैशाख के महीने में जल दान को सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। शास्त्रों में बताया गया है कि जो व्यक्ति इस माह में प्यासे को पानी पिलाता है या रास्ते में आने-जाने वाले लोगों के लिए प्याऊ लगवाता है। उसे कई यज्ञों के समान फल मिलता है।

    क्या दान करें? (Daan List)

    • जल से भरा कलश, पंखा, छाता, सत्तू, खरबूजा और चप्पल।

    वैशाख माह के नियम (Vaishakh Month 2026 Rules)

    • वैशाख माह में किसी पवित्र नदी या घर में ही गंगाजल डालकर स्नान करने का नियम है। इससे सभी पापों का नाश होता है।
    • धार्मिक रूप से इस महीने में सात्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है।
    • इस महीने तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए।
    • इस माह प्रतिदिन भगवान विष्णु की पूजा करें और तुलसी के पौधे में नियमित रूप से जल चढ़ाएं। शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाएं।
    • इस पूरे महीने में मन, कर्म और वचन से शुद्ध रहकर ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

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