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    मिथुन संक्रांति पर बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग! क्या रहेगा महापुण्य काल का समय?

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 05:50 PM (IST)

    मिथुन संक्रांति पर सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं, जिसका विशेष महत्व है। इस दिन सूर्य पूजा, पवित्र स्नान और दान-पुण्य के साथ सर्वार्थ सिद्धि ...और पढ़ें

    मिथुन संक्रांति 2026: सूर्य देव मिथुन राशि में करेंगे प्रवेश (Image Source: AI-Generated)

    मिथुन संक्रांति 2026: सूर्य देव मिथुन राशि में करेंगे प्रवेश (Image Source: AI-Generated) 

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जब सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं, तो मिथुन संक्रांति मनाई जाती है। इस दिन सूर्य देव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करने का अधिक महत्व है।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूर्य देव की साधना करने से साधक के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए इस लेख में आपको बताते हैं कि मिथुन संक्रांति की डेट और शुभ मुहूर्त के बारे में।

    मिथुन संक्रांति 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Mithun Sankranti 2026 Date and Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, सूर्य देव 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।
    गोचर का समय- 15 जून को दोपहर 12 बजकर 58 मिनट सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।
    पुण्य काल- दोपहर 12 बजकर 59 मिनट से शाम 07 बजकर 20 मिनट तक।
    महा पुण्य काल- दोपहर 12 बजकर 59 बजे से दोपहर 03 बजकर 19 मिनट तक
    मिथुन संक्रांति के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। सुबह 05 बजकर 23 मिनट से 07 बजकर 08 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।

    Mithun Sankranti 2026

    (Image Source: AI-Generated) 

    मिथुन संक्रांति के दिन करें काम

    • मिथुन संक्रांति के दिन सूर्योदय से पहले उठें और स्नान करने के बाद जल में लाल चंदन, कुमकुम, अक्षत (चावल) और लाल फूल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे साधक को कारोबार में लाभ मिलता है और रुके हुए काम पूरे होते हैं।
    • मिथुन संक्रांति के दिन पूजा-अर्चना करने के बाद मंदिर या गरीब लोगों में चावल, गेहूं और गुड़ का दान करें। इससे साधक को सूर्य देव की कृपा प्राप्त होगी। इसके अलावा छाता, सूती वस्त्र, चप्पल और पंखा का दान करना शुभ माना जाता है। इससे जीवन में किसी भी चीज की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।
    • पूजा के दौरान सूर्य देव के मंत्रों का जप करना चाहिए। इससे सूर्य देव प्रसन्न होकर साधक की सभी मुरादें पूरी करते हैं और जीवन में खुशियों का आगमन होता है।
    • इसके अलावा सूर्य देव की विशेष कृपा पाने के लिए 'आदित्य हृदय स्तोत्र' या 'सूर्य चालीसा' का पाठ अवश्य करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे मान-सम्मान और यश में वृद्धि देखने को मिलती है।

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

     

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