एंग्जायटी होगी दूर, बढ़ेगा फोकस! घर या ऑफिस में रखें अपने नक्षत्र का खास सिंबल
हिंदू वैदिक ज्योतिष में 27 नक्षत्रों के प्रतीक व्यक्ति के स्वभाव और जीवन ऊर्जा से जुड़े होते हैं। इन प्रतीकों को घर या कार्यस्थल पर रखने से सकारात्मक ...और पढ़ें

27 नक्षत्रों के प्रतीक और महत्व (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू वैदिक ज्योतिष में 27 नक्षत्रों को सिर्फ आकाशीय समूह मानना गलत होगा, बल्कि इन्हें व्यक्ति के स्वभाव, कर्म, सोच और जीवन की ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। प्रत्येक नक्षत्र का एक खास प्रतीक (Symbole) होता है, जो उसकी प्राकृतिक और शक्ति को दर्शाने का काम करती है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, नक्षत्र से जुड़े इन प्रतीकों को घर, ऑफिस या घर में रखने से व्यक्ति को उस नक्षत्र की सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। हालांकि इसे धार्मिक आस्था औऱ पारंपरिक मान्यता के रूप में ही देखा जाता है, वैज्ञानिक रूप से इसका असर प्रमाणित नहीं है।
नक्षत्र और उनके प्रतीक
अश्विनी नक्षत्र
सिंबल- घोड़े का सिर
महत्व- तेज गति के साथ ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
भरणी नक्षत्र
सिंबल- योनि
महत्व- सृजन शक्ति, धैर्य और जीवन शक्ति से जुड़ा माना जाता है।
कृत्तिका नक्षत्र
सिंबल- अग्नि या छुरी
महत्व- साहस, शुद्धिकरण और नकारात्मक ऊर्जा दूर करने का प्रतीक
रोहिणी नक्षत्र
सिंबल- रथ या बेलगाड़ी
महत्व- समृद्धि, आकर्षण और उन्नति से जुड़ा माना जाता है।
मृगशिरा नक्षत्र
सिंबल- हिरण का सिर
महत्व- जिज्ञासा, तलाश और मानसिक चंचलता का प्रतीक।
आर्द्रा नक्षत्र
सिंबल- आंसू की बूंद
महत्व- बदलाव, भावनात्मक शक्ति और संघर्ष का संकेत।
पुनर्वसु नक्षत्र
सिंबल- तरकश का तीर
महत्व- वापसी, नई आशा और पुनर्निमाण का प्रतीक।
पुष्य नक्षत्र
सिंबल- गाय का थन या कमल का फूल
महत्व- पोषण, समृद्धि और आध्यात्मिक विकास से जुड़ा।
आश्लेषा नक्षत्र
सिंबल- कुंडली मारे सांप
महत्व- रहस्य, बुद्धि और गहन मानसिक शक्ति का संकेत।
मघा नक्षत्र
सिंबल- सिंहासन
महत्व- पूर्वजों का आशीर्वाद, पद-प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक।
पूर्वा फाल्गुनी
सिंबल- बिस्तर या झूला
महत्व- आराम, प्यार और भौतिक सुखों का प्रतीक।
उत्तरा फाल्गुनी
सिंबल- चारपाई का पिछला हिस्सा
महत्व- स्थिरता, रिश्तों में जिम्मेदारी और सहयोग से जुड़ा।
हस्त नक्षत्र
सिंबल-हाथ
महत्व- कौशल, रचनात्मकता और कार्यकुशलता का प्रतीक माना जाता है।
चित्रा नक्षत्र
सिंबल- चमकता रत्न और मोती
महत्व- सौंदर्य, कला और आकर्षण से जुड़ा।
स्वाति नक्षत्र
सिंबल- हवा में झूलती घास
महत्व- आजादी, लचीलापन और आत्मनिर्भरता।
विशाखा नक्षत्र
सिंबल- विजय द्वार
महत्व- लक्ष्य प्राप्ति, महत्वाकांक्षा और सफलता का प्रतीक माना जाता है।
अनुराधा नक्षत्र
सिंबल- कमल
महत्व- दोस्ती, भक्ति और संतुलन से जोड़ा जाता है।
ज्येष्ठा नक्षत्र
सिंबल- कान की बाल और छत्र
महत्व- अधिकार, सुरक्षा और वरिष्ठा का संकेत।

AI Generated Image
मूल नक्षत्र
सिंबल- जड़ों का गुच्छा
महत्व- मूल सच्चाई, गहराई और परिवर्तनकारी शक्ति का प्रतीक।
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र
सिंबल- हाथ का पंखा
महत्व- आत्मविश्वास, सफलता और सामाजिक प्रभाव का प्रतीक।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
सिंबल- हाथी का दांत
महत्व- स्थायी सफलता और सम्मान से जोड़ा जाता है।
श्रवण नक्षत्र
सिंबल- कान
महत्व- सीखने, सुनने और ज्ञान अर्जित करने की क्षमता से जोड़ा जाता है।
धनिष्ठा नक्षत्र
सिंबल- ढोल या बांसुरी
महत्व- संगीत, समृद्धि और सामाजिक पहचान का प्रतीक।
शतभिषा नक्षत्र
सिंबल- खाली वृत्त
महत्व- रहस्य, उपचार और आध्यात्मिकता की खोज।
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र
सिंबल- दो मुख वाला चेहरा और तलवार
महत्व- गूढ़ ज्ञान और जीवन के 2 पहलुओं का संकेत माना जाता है।
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र
सिंबल- जुड़वां पैर
महत्व- स्थिरता, धैर्य और आध्यात्मिक संतुलन का प्रतीक माना जाता है।
रेवती नक्षत्र
सिंबल- मछली
महत्व- यात्रा, सुरक्षा, दया और समृद्धि से जोड़ा जाता है।
नक्षत्र प्रतीकों को रखने का महत्व?
हिंदू ज्योतिष में माना जाता है कि, व्यक्ति को अपने जन्म नक्षत्र के प्रतीकों को लॉकेट, फोटो, वॉल आर्ट, पूजा स्थल या कार्यस्थल पर रखने से आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
लेकिन इसे किसी चमत्कारी उपाय के तौर पर देखना पूरी तरह से गलत होगा, क्योंकि इसका मुख्य आधार धार्मिक और सांस्कृतिक विश्वास पर टिका है।
यह भी पढ़ें- भारत में नींबू-मिर्च, विदेशों में ब्लू आई और हम्सा हैंड! दुनिया भर में ऐसे बचते हैं लोग ‘बुरी नजर’ से
यह भी पढ़ें- श्री रामचरित मानस की 10 चौपाइयां सुबह सुनने से लो कॉन्फिडेंस होगा दूर, बनेंगे हर काम!
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।