भारत में नींबू-मिर्च, विदेशों में ब्लू आई और हम्सा हैंड! दुनिया भर में ऐसे बचते हैं लोग ‘बुरी नजर’ से
दुनिया भर की संस्कृतियों में बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं। आइए जानते हैं कहां क्या इस्तेमाल होता है? ...और पढ़ें

दुनियाभर में नजर से बचने के अनोखे टोटके! (AI-Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर की लगभग हर संस्कृति में बुरी नजर या नेगेटिव एनर्जी से बचने को लेकर अलग तरह की मान्यताएं रही हैं। भारत में जहां नींबू-मिर्च, काला टीका, घोड़े की नाल और तांबे का सूर् बुरी नजर से बचाने वाला माना जाता है, वहीं विदेशों में भी कई ऐसे प्रतीक और टोटके प्रचलित हैं, जिन्हें वहां के लोग सुरक्षा, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखते हैं।
हालांकि हमें यह समझने की जरूरत है कि, इन मान्यताओं के पीछे कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ये सभी लोक परंपराओं, सांस्कृतिक आस्था और धार्मिक प्रतीकों पर आधारित हैं। लेकिन मजेदार बात यह है कि, अलग-अलग देशों में सालों पुरानी सभ्यताओं ने नकारात्मक स्वभाव, नेगेटिव एनर्जी और बुरी नजर जैसी अवधारणाओं को अपने-अपने तरीके से समझा है।
तुर्की और ग्रीस में ब्लू आई (AI-Generated Image)
तुर्की और ग्रीस में ब्लू आई पर विश्वास
तुर्की में नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा पाने के लिए 'नजर बोनजुकू' और ग्रीस में 'माती' नाम का नीले रंग का आंख जैसा ताबीज काफी प्रचलित है। मान्यताओं के मुताबिक, यह ईर्ष्या और बुरी नजर को व्यक्ति तक पहुंचने से पहले ही रोक देता है।
आज के समय में यह केवल धार्मिक प्रतीक ही नहीं, बल्कि फैशन और होम डेकोर में इस्तेमाल किया जाता है। तुर्की की दुकानों, घरों, गाड़ियों और यहां तक की बच्चों के कपड़ों पर भी इस चिन्ह्न को देखा जा सकता है।
खबरें और भी

इटली में लाल सींग प्रचलित (AI-Generated Image)
इटली में लाल सींग शुभ
इटली में 'कॉर्नीचेलो' नाम का लाल सींग जैसा ताबीज काफी पहना जाता है। वहां Malocchio यानी बुरी नजर की मान्यता सदियों पुरानी मानी जाती है।
कई लोग इसे गले में पहनना पसंद करते हैं, जबकि कुछ गाड़ी में लगाते हैं। मान्यताओं के मुताबिक, यह दुर्भाग्य और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है। इटली में हाथी के सूंड के छोटे-छोटे आकार को सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।

(AI-Generated Image)
अरब देशों में हम्सा हाथ का महत्व
मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के कई देशों में 'हम्सा हैंड' जिसे हैंड ऑफ फातिमा भी कहा जाता है, जो काफी लोकप्रिय है। पांच उंगलियों वाला यह चिन्ह्न सुरक्षा, बरकत और नजर से बचाव के लिए जाना जाता है।
कई लोग इसे घर के मुख्य द्वार, गाड़ियों और जूलरी में लगाते हैं, ताकि इन सभी चीजों को बुरी नजर न लगे।

Egg Cleanse से जुड़ी परंपरा
लैटिन अमेरिका में Egg Cleanse प्रचलित
मैक्सिको और कई लैटिन अमेरिकी देशों में limpia de huevo यानी एग क्लींज एक पारंपरिक अनुष्ठान है, जिसका इस्तेमाल कई संस्कृतियों में शरीर से नेगेटिव एनर्जी, तनाव और बुरी नजर को दूर करने के लिए किया जाता है।
इस रस्म के दौरान अंडे को पूरे शरीर पर धीरे-धीरे रगड़ा जाता है। इसके बाद प्रार्थना करने के बाद इच्छा जाहिर की जाती हैं, फिर अंडे को साफ पानी से भरे एक ग्लास में तोड़कर डाल दिया जाता है।
अंडे में बनने वाली आकृतियों, बुलबुलों या धुंधलेपन को देखकर पहचानने की कोशिश की जाती है कि, किस तरह की नकारात्मक ऊर्जा हावी हैं और आखिर में अंडे वाले पानी को टॉयलेट में बहा दिया जाता है।
चीन में फेंग शुई से जुड़ी मान्यताएं
चीन में फेंग शुई परंपराओं के अंतर्गत कई तरह के सुरक्षा प्रतीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए 'बगुआ मिरर' नाम का खास शीशा घर के बाहर लगाया जाता है, जिसे नेगेटिव एनर्जी को वापस भेजने वाला माना जाता है।
इसके अलावा लाल रंग, सिक्कों को लाल धागे में बांधना, ड्रैगन और फू डॉग्स की मूर्तियां भी सौभाग्य और सुरक्षा का प्रतीक होती हैं।

जापान में सुरक्षा से जुड़े टोटके (AI-Generated Image)
जापान के मंदिर में मिलते हैं सुरक्षा ताबीज
जापान के मंदिरों में बुरी आत्माओं और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए मंदिरों में सुरक्षा ताबीज जिसे 'ओमामोरी' कहा जाता है। लोग इन्हें पढ़ाई, सेहत, यात्रा और सुरक्षा के लिए शुभ मानते हैं।
वहीं नमक छिड़ककर शुद्धिकरण करने की प्रक्रिया और शिमेनावा नाम की पवित्र रस्सी लगाने की परंपरा भी काफी पुरानी है।

(AI-Generated Image)
यूरोप और अमेरिका भी मान्यताएं प्रचलित
यूरोप में भी घोड़े की नाल को घर के दरवाजे पर लगाना शुभ माना जाता है। 'Knock on Wood' यानी लकड़ियों को छूना भी दुर्भाग्य से बचाता है। भारत में इसे 'Touch Wood' कहा जाता है।
वहीं आज के युवाओं के बीच भी नजर से बचाव के लिए ड्रीमकैचर, क्रिस्टल हीलिंग और सेज स्मजिंग जैसे ट्रेंड काफी लोकप्रिय हैं। कई लोगों का मानना है कि, इससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इन प्रचलित मान्यताओं पर वैज्ञानिक आधार
बुरी नजर से जुड़ें ज्यादातर प्रतीकों का सीधे तौर पर वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। मनोविज्ञान इसे आमतौर पर 'Belief Effect' और सांस्कृतिक Conditioning से जोड़कर देखते हैं।
यह भी पढ़ें- सच में बुरी नजर उतारने में मदद करती है लाल मिर्च? सदियों पुरानी इस मान्यता की क्या है असली वजह
यह भी पढ़ें- नजरबट्टू, जूता, सूर्य तांबा या घोड़े की नाल, घर की सुरक्षा के लिए कौन-सा तरीका है सबसे असरदार?
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
