नजरबट्टू, जूता, सूर्य तांबा या घोड़े की नाल, घर की सुरक्षा के लिए कौन-सा तरीका है सबसे असरदार?
घर का मुख्य द्वार वास्तु और ज्योतिष में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. आइए जानते हैं मेन गेट पर नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा के लिए क्या लगाना सही है।

घर के मुख्य द्वार पर क्या लगाना सही? (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। घर का मुख्य द्वार (Main Gate) वास्तु और धार्मिक परंपराओं में बेहद खास माना जाता है। मान्यताओं के मुताबिक, यही से सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है।
इसी कारण कई लोग घर को नकारात्मक ऊर्जा से बचाने के लिए मुख्य द्वार पर काला नजरबट्टू, पुराना जूता, सूर्य का तांबा और घोड़े की नाल लगाते हैं। लेकिन अब सवाल यही उठता है कि, शास्त्रों और पारंपरिक मान्यताओं में सबसे असरदार उपाय कौन-सा है?
घर के मेन गेट पर जूता टांगना
भारत में कई जगह लोग बुरी नजर से बचाव के लिए घर या दुकान के बाहर पुराना जूता लटका देते हैं। यह लोक परंपरा काफी प्रचलित है, लेकिन इससे जुड़ा कोई भी उल्लेख किसी भी प्रमुख धर्मग्रंथों में देखने को नहीं मिलता है।
असल में कई वास्तु विशेषज्ञ मानते हैं कि, फटा या गंदा जूता मेन गेट पर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश कर सकती है। इसलिए इसे केवल टोटका ज्यादा माना जाता है, लेकिन शास्त्रीय उपाय नहीं।
काला नजरबट्टू
घर को नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा देने के लिए नींबू-मिर्च, काला मुखौटा, नजरबट्टू जैसी चीजें भी खासतौर पर लोकआस्था का हिस्सा रहा है। इनको घर के मुख्य द्वारा पर लगाने का उद्देश्य बुरी नजर से बचाव करना माना जाता है।
भारत में कुछ परंपराओं में इसपर विश्वास किया जाता है, लेकिन धर्मग्रंथों में इसे नजर बचाव के लिए बेहद कारगर उपाय नहीं बताया गया।
तांबे का सूर्य
वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में तांबे को पवित्रता, ऊर्जा और सूर्य तत्व से जोड़कर देखा जाता है। कई लोग अपने घर के मुख्य द्वारा पर तांबे का सूर्य लगाते हैं। माना जाता है कि, इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने के साथ सम्मान और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है।
दरअसल तांबा (Copper) सूर्य ग्रह का धातु है, इसलिए भारतीय परंपराओं में इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है। घर को नकारात्मक ऊर्जा से बचाने के लिए यह उपाय शास्त्र सम्मत और अधिक व्यवस्थित माना जाता है।

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घोड़े की नाल
घोड़े की नाल को कई पारंपरिक मान्यताओं में सुरक्षा और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव का प्रतीक माना जाता है। विशेषकर काले घोड़े की पुरानी नाल को घर के मुख्य द्वारा पर लगाना बेहद शुभ माना जाता है।
मान्यताओं के मुताबिक, शनिवार के दिन मेन गेट पर उत्तर या पश्चिम दिशा की ओर लगाना चाहिए, जो शनि दोष और नकारात्मक प्रभाव को कम करने का भी काम करता है।
बात की जाए शास्त्रीय और वास्तु नजरिए से, तो-
- फटा जूता- कम विश्वसनीयता
- नजरबट्टू- लोकआस्था पर आधारित
- सूर्या का तांबे- पॉजिटिव एनर्जी का प्रतीक
- घोड़े की नाल- पारंपरिक मान्यताओं में अधिक लोकप्रिय
एक बात साफ है कि, केवल चीजें टांगने से घर की ऊर्जा में किसी भी तरह का बदलाव नहीं आता। इन उपायों के साथ घर का वातावरण, व्यवहार, नियमित पूजा-पाठ और साफ-सफाई भी मायने रखता है। यही वजह है कि, कई धार्मिक ग्रंथों में टोने-टोटकों से ज्यादा सदाचार और सात्विकता को प्राथमिकता दी गई है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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