नरसिंह जयंती की रात करें ये अचूक उपाय, शत्रुओं से मिलेगा छुटकारा
नरसिंह जयंती की रात यहां दिए गए अचूक उपाय आपके लिए बेहद असरदार साबित हो सकते हैं। ...और पढ़ें

सिर्फ एक रात का उपाय! नरसिंह जयंती पर दूर होंगे आपके सारे दुश्मन।
HighLights
आज नरसिंह जयंती मनाई जा रही है
यह भगवान नरसिंह को समर्पित है
नरसिंह देव को सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में भगवान नरसिंह को शक्ति, साहस और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरसिंह जयंती मनाई जाती है। यह वही पावन दिन है, जब भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए खंभे को फाड़कर आधे नर और आधे सिंह के रूप में अवतार लिया था और हिरण्यकश्यप का वध किया था।
ऐसी मान्यता है कि नरसिंह जयंती की रात बेहद प्रभावशाली होती है। अगर इस रात पूरी श्रद्धा के साथ कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो न केवल गुप्त शत्रुओं का नाश होता है, बल्कि जीवन में आ रही मुश्किलें भी दूर हो जाती हैं।
शत्रु विजय पर विजय के लिए उपाय

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सरसों के तेल का दीपक
रात के समय भगवान नरसिंह की प्रतिमा के सामने सरसों के तेल का एक बड़ा दीपक जलाएं। उस दीपक में थोड़े से काले तिल डाल दें। "ॐ नृं नृं नृं नरसिंहाय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें। इस उपाय को करने से शत्रुओं के बुरे इरादे से बचाव होता है।
लाल पुष्प
भगवान नरसिंह को लाल रंग बहुत प्रिय है। ऐसे में रात के समय उन्हें लाल फूल अर्पित करें और साथ ही साबुत मूंग की दाल चढ़ाएं। अगले दिन इस दाल को किसी गाय को खिला दें या बहते जल में प्रवाहित कर दें। इससे कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय मिलती है।
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नरसिंह कवच
शत्रुओं के अत्यधिक भय को दूर करने के लिए नरसिंह जयंती की रात 'श्री नरसिंह कवच' का पाठ करना चाहिए। यह एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जिससे गुप्त शत्रु शांत होते हैं।
करें ये काम
पीले फल और केसर: आर्थिक बाधाओं को दूर करने के लिए भगवान को पीले फल और केसर का तिलक लगाएं।
मोर पंख: अगर आप शत्रु से परेशान हैं, तो नरसिंह जयंती की पूजा में एक मोर पंख रखें और बाद में उसे अपने सिरहाने या घर के मुख्य द्वार पर लगा दें।
सावधानी
भगवान नरसिंह उग्र देवता माने जाते हैं, लेकिन वे अपने भक्तों पर हमेशा कृपा बनाए रखते हैं। उनकी पूजा में सात्विकता का विशेष ध्यान रखें। पूजा के दौरान किसी के प्रति बुरा भाव न रखें, सिर्फ अपनी रक्षा की प्रार्थना करें।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।