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    शिव का सबसे शक्तिशाली 'कर्पूर गौरं' मंत्र: सही अर्थ और रोज जपने के 5 बड़े फायदे

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 12:34 PM (IST)

    कर्पूर गौरं करुणावतारं मंत्र यह भगवान शिव को समर्पित है और इसके जाप से एकाग्रता व मानसिक शांति मिलती है। हर शिव भक्तों को इस मंत्र का असल मतलब पता होन ...और पढ़ें

    कर्पूरगौरं करुणावतारं मंत्र का हिंदी अर्थ (Picture Credits- AI Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारत में भगवान शिव के प्रति आस्था रखने के वालों की संख्या कम नहीं है। कई लोग अन्य भगवानों में भी आस्था रखते हैं, लेकिन जब बात शिवजी की आती है, तो कोई उन्हें दोस्त के रूप में पूजता है, कोई भाई, कोई ईश्वर, कोई मार्गदर्शक तो कोई प्रेमी के रूप में भगवान शिव के प्रति आस्था रखते हैं।

    शास्त्रों बताया गया है कि, भगवान शिव अपने भक्तों से बेहद जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। उन्हें सिर्फ एक लोटा जल से तृत्प किया जा सकता है। लेकिन कुछ ऐसे भी मंत्र हैं जिनका प्रतिदिन उच्चारण करने से शिव की महिमा प्राप्त होने के साथ दशा और दिशा दोनों बदल सकती है।

    कर्पूर गौरं करुणावतारं मंत्र का अर्थ

    ये मंत्र है कर्पूर गौरं करुणावतारं मंत्र जो तीनों लोकों के देवता भगवान शिव की स्तुति करने के लिए है। हिंदू धर्म में भगवान शिव को सृष्टि का सर्वोच्च शासक कहा जाता है, जो मृत्यु के देवता भी हैं, इसलिए उन्हें पशुपतिनाथ की भी उपाधि मिली है।

    कर्पूर गौरं करुणावतारं मंत्र यजुर्वेद से जुड़ा मंत्र है। जिसे शिव के यजुर मंत्र के रूप में भी जाना जाता है।

    कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
    सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥

    इस मंत्र का अर्थ हर सच्चे शिव को पता होना ही चाहिए।

    कर्पूर का सफेद, करुणा का अवतार, संसार का सार, सांपों का हार।
    मैं भगवान शिव को नमस्कार करता हूं, जो भवानी समेत मेरे हृदय कमल में निवास करते हैं।

    इस मंत्र को सुनने के फायदे

    1. भक्तों द्वार जपे गए इस मंत्र से एकाग्रता बेहतर होती है।
    2. जो भी व्यक्ति इस मंत्र का प्रतिदिन जाप करता है, उसे मानसिक परेशानी से छुटकारा मिलता है।
    3. शिव से जुड़ा यह मंत्र जीवन में जटिल चुनौतियों और स्थितियों से निपटने में सहायक है।
    4. कर्पूर गौरम मंत्र के जरिए से भगवान शिव की पूजा करने मन और मस्तिष्क शांत होता है।
    5. ब्रह्मांड और अपने अंदर आत्मचिंतन करने के लिए यह मंत्र काफी मददगार है।

    हिंदू धर्म में कर्पूरगौरम मंत्र बेहद शक्तिशाली मंत्रों में से एक है। भक्त भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इस मंत्र का जाप कर सकते हैं। शिव तीन प्रमुख देवताओं में शामिल है, उन्हें त्रिदेव भी कहा जाता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।