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    Pradosh Vrat 2026: 1 या 2 जनवरी, कब है नए साल का पहला प्रदोष व्रत, यहां पढ़ें सही तिथि और शुभ मुहर्त

    Updated: Wed, 31 Dec 2025 01:45 PM (IST)

    प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026) से नए साल की शुरुआत होने वाली है। ऐसे में नववर्ष के दिन महादेव की पूजा-अर्चना और व्रत करना फलदायी साबित होगा। प्रदोष व ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2026: महादेव की पूजा से मिलता है शुभ फल (Image Source: AI generated)

    Pradosh Vrat 2026: महादेव की पूजा से मिलता है शुभ फल (Image Source: AI generated)

    HighLights

    1. त्रयोदशी तिथि महादेव को समर्पित है

    2. इस दिन संध्याकाल में शिव जी की पूजा होती है

    3. प्रदोष व्रत करने से सभी भय दूर होते हैं

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना होती है। इस दिन प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026) किया जाता है। इस दिन जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए व्रत भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत करने से भोलेनाथ के संग मां पार्वती की कृपा बरसती है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

    प्रदोष व्रत 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat 2026 Date and Shubh Muhurat)


    वैदिक पंचांग के अनुसार, पौष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 01 जनवरी को देर रात 01 बजकर 47 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 01 जनवरी को देर रात 10 बजकर 22 मिनट पर होगा। ऐसे में 01 जनवरी को साल 2026 का पहला प्रदोष व्रत किया जाएगा।

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    सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

    सूर्योदय का समय: प्रातः 07 बजकर 14 मिनट पर
    चन्द्रोदय का समय: 03 बजकर 14 मिनट पर
    सूर्यास्त का समय: सायं 05 बजकर 35 मिनट पर
    चन्द्रास्त का समय: 02 जनवरी को 06 बजकर 07 मिनट पर

    शुभ समय

    ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05 बजकर 25 मिनट से 06 बजकर 19 मिनट पर
    अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट पर
    गोधूलि मुहूर्त: दोपहर 05 बजकर 33 मिनट से 06 बजे तक
    विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 08 मिनट से 02 बजकर 50 मिनट पर

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    प्रदोष व्रत पूजा विधि (Pradosh Vrat Puja Vidhi)

    • प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
    • साफ कपड़ें धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
    • संध्याकाल में दीपक जलाकर महादेव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करें।
    • शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें।
    • चंदन का तिलक लगाएं।
    • व्रत कथा का पाठ करें और मंत्रों का जप करें।
    • फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।

    इन बातों का रखें ध्यान

    • किसी से वाद-विवाद न करें
    • तामसिक चीजों का सेवन न करें।
    • घर और मंदिर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
    • शिव चालीसा का पाठ का जरूर करें।
    • अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।
    • शिवलिंग का अभिषेक जरूर करें।
    • फल दूध, दही और साबूदाना का सेवन किया जा सकता है।
    • अगले दिन सुबह व्रत का पारण करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।