Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ramadan 2025: बेहद महत्वपूर्ण है रमजान का महीना, मिलती हैं ये खास सीख

    Updated: Sun, 16 Mar 2025 11:36 AM (IST)

    इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रमजान का नौवां महीना होता है। रमजान (Ramadan 2025) का महीना मुस्लिम धर्म के बेहद खास होता है। इस महीने में लोग रोजा (Roja 20 ...और पढ़ें

    Ramadan 2025: रमजान में जरूर करें जरूरतमंद की मदद (Pic Credit-AI)
    Ramadan 2025: रमजान में जरूर करें जरूरतमंद की मदद (Pic Credit-AI)

    HighLights

    1. रमजान महत्वपूर्ण महीना होता है।
    2. इस महीने में रोजा रखा जाता है।
    3. लोग अल्लाह की इबादत करते हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मुस्मिल धर्म के लिए रमजान (Ramadan 2025) के महीने को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने में लोग रोजाना सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं। रोजा रखने से मन का शुद्धिकरण होता है। साथ ही अल्लाह की इबादत करने से सभी मुरादें पूरी होती हैं। रमजान को पाक का महीना भी कहा जाता है। 

    मुफ्ती नजर-ए-तौहीद (सदस्य आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड) बताते हैं कि इस्लाम धर्म में रमजान के महीने का अत्यंत ही महत्व है। यह महीना आत्म-शुद्धि, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। रोजा ना सिर्फ भूख और प्यास पर नियंत्रण का अभ्यास है, बल्कि धैर्य और ईश्वर के प्रति समर्पण का प्रतीक भी है। रमजान के दौरान मुसलमान भूखे पेट रखते हैं। सूर्योदय से सूर्यास्त तक भोजन और पेय से परहेज करने का अभ्यास है।

    (Pic Credit-AI)

    यह भी पढ़ें: Ramadan 2025: बहुत ही खास सबक देता है रमजान का महीना, गहरा है इसका अर्थ

    रमजान में दान करने का विशेष महत्व है

    रोजा का एक महत्वपूर्ण पहलू है कि यह समाज के जरूरतमंद और भूखे लोगों की पीड़ा समझने में मदद करता है। रोजा रखने से हम भूख और प्यास का अनुभव करते हैं, जिससे हमें उन लोगों की स्थिति का एहसास होता है, जो दैनिक जीवन में इन कठिनाइयों का सामना करते हैं। यह सहानुभूति और परोपकार की भावना को बढ़ावा देता है जिससे समाज में दान और सेवा की प्रवृत्ति को प्रोत्साहन मिलता है।

    कुरान से आध्यात्मिक जागरूकता में होती है वृद्धि

    रमजान में मुसलमान विशेष प्रार्थना करते हैं और कुरान का अध्ययन करते हैं। जिससे उनकी आध्यात्मिक जागरूकता में वृद्धि होती है। रमजान के अंतिम दस दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि माना जाता है कि इन दस दिनों में ईश्वर की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    खबरें और भी

    ईद-उल-फितर एकता और भाईचारे का है प्रतीक

    रमजान के समापन पर ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है, जो एकता, भाईचारे और खुशी का प्रतीक है। कुल मिलाकर यह कह सकते हैं कि रमजान का महीना हमें अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखने, जरूरतमंदों की मदद करने और ईश्वर के प्रति स्वयं को समर्पित करने की प्रेरणा देता है।

    रमजान के महीने का महत्व

    इस्लाम धर्म के लोग रमजान के महीने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। यह महीना अल्लाह की इबादत और नेक काम करने के लिए समर्पित होता है। इसके अलावा इस महीने में रोजाना पांच बार नमाज अदा करनी चाहिए। ऐसा करने से अल्लाह व्यक्ति की सभी मुरादें पूरी करते हैं।

    यह भी पढ़ें: Ramadan 2025: इबादत ही नहीं, इंसानियत के लिए भी बहुत खास है रमजान