यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ramadan 2025: इबादत का समय है रमजान का महीना, मिलती हैं ये खास सीख
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार साल का नौवां महीना रमजान (Ramadan 2025) होता है। इस माह को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। रमजान को पाक का महीना भी कहा जाता ...और पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मुस्लिम समाज के लिए रमजान यानी पाक के महीने का अधिक महत्व है। इस पूरे माह में लोग अल्लाह की इबादत करते हैं। साथ ही रोजा रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे व्यक्ति की हर मुराद पूरी होती है। रमजान (Ramadan 2025) के महीने से व्यक्ति को कई तरह की सीख मिलती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
डा. अध्यक्ष, एमजे खान ( इंडियन मुस्लिम फार प्रोग्रेस मुस्लिम एंड रिफार्म व मामलों के विशेषज्ञ) बताते हैं कि रमजान इस्लामी कैलेंडर में सबसे महत्वपूर्ण महीनों में से एक है। इसका महत्व विभिन्न आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहलुओं से समझा जा सकता है। इस महीने मुसलमान सूर्य उदय से सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं। यह इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है।
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इबादत का महीना है रमजान
मुसलमानों का मानना है कि पैगंबर मोहम्मद को रमजान माह में विशेष रूप से लैलत अल-कद्र की रात के दौरान कुरान प्रकट किया गया था। यह महीना आत्म-चिंतन, बढ़ी हुई भक्ति और इबादत का समय है। मुसलमान प्रार्थना, कुरान पढ़ने और अच्छे कर्म करने के माध्यम से अल्लाह (ईश्वर) के साथ अपने रिश्ते को बढ़ाने का प्रयास करते हैं।
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इच्छाओं पर नियंत्रण करना सिखाता है रमजान
उपवास का कार्य आत्म-अनुशासन, इच्छाओं पर नियंत्रण और धैर्य सिखाता है। विभिन्न संस्कृतियों में रमजान से जुड़ी अपनी अनूठी रीति-रिवाज और परंपराएं हैं, जिनमें विशेष खाद्य पदार्थ, सजावट और सामूहिक प्रार्थनाएं शामिल हैं।
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ईद-उल-फितर के साथ रमजान का होता है समापन
रमजान का समापन ईद-उल-फितर के उत्सव के साथ खत्म होता है, जो उपवास के अंत का प्रतीक है। यह सामूहिक प्रार्थना, दावत और उपहार देने का अवसर है, जो पारिवारिक और सामुदायिक संबंधों को मजबूत करता है।
रमजान में करें क्या करें?
- पाक के महीने में पांच वक्त की नमाज जरूर अदा करनी चाहिए। इसके अलावा रोजा रखना चाहिए और रोजे से जुड़े नियम का पालन करना चाहिए।
- वक्त पर सहरी और इफ्तार करें।
- दिन में अधिक अल्लाह की इबादत करें।
- श्रद्धा अनुसार लोगों में दान करें।
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रमजान में करें क्या न करें?
- रोजे के दौरान धूम्रपान नहीं करना चाहिए।
- सूरज उगने से लेकर सूरज ढलने तक रोजा रखें। रोजा के दौरान किसी भी चीज का सेवन न करें।
- किसी से वाद-विवाद न करें।
- किसी के बारे में गलत न सोचे।
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