यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rang Panchami 2024: इस दिन मनाई जाएगी रंग पंचमी, राधा-कृष्ण से जुड़ा है ये त्योहार
होली की तर्ज पर ही रंग पंचमी का त्योहार भी मनाया जाता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि इस त्योहार का संबंध भी रंगों से ही है। यह पर्व भारत के कई हिस ...और पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Rang Panchami 2024 Date: होली के पांच दिन बाद यानी चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। कई स्थानों पर इस त्योहार का विशेष महत्व माना गया है। मथुरा और वृन्दावन के कुछ मन्दिरों में रंग पंचमी के दिन ही होलिका उत्सव का समापन माना जाता है।
रंग पंचमी का शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 29 मार्च को रात 08 बजकर 20 मिनट पर हो रहा है। वहीं, इस तिथि का समापन 30 मार्च को रात 09 बजकर 13 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, रंग पंचमी का त्योहार 30 मार्च, शनिवार के दिन मनाया जाएगा।
देवताओं के साथ होली खेलने का समय - सुबह 07 बजकर 46 मिनट से सुबह 09 बजकर 19 मिनट तक
रंग पंचमी का महत्व (Rang Panchami Significance)
मान्यता है कि रंग पंचमी के दिन ही भगवान कृष्ण ने राधा रानी के साथ होली खेली थी। साथ ही यह भी माना जाता है कि इस दिन देवतागण धरती पर आकर रंग, गुलाल या अबीर से होली खेलते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुलाल जब हवा में उड़ाया जाता है और जिस भी व्यक्ति पर यह गुलाल आकर गिरता है, उसे देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह भी माना जाता है कि इस दिन गुलाल, अबीर आदि देवताओं को अर्पित करने पर कुंडली में मौजूद दोष समाप्त हो सकते हैं।
रंग पंचमी की पौराणिक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, जब कामदेव में भगवान शिव की तपस्या में विघ्न डाला, तब शिव जी ने क्रोधित होकर उन्हें भस्म कर दिया था। तब देवी रति और अन्य देवताओं के विनती करने पर शिव जी ने कामदेव को पुनः जीवन कर दिया। जिस कारण सभी देवी-देवता प्रसन्न हो गए और उन्होंने रंगोत्सव मनाया। माना जाता है कि इसके बाद से ही रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है।
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