यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ratha Saptami 2025: रथ सप्तमी पर कर लें ये उपाय, यश में होगी अपार वृद्धि
रथ सप्तमी का पर्व बेहद शुभ और पावन माना गया है। यह पर्व माघ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन सूर्य देव को समर्पित है। कहते ...और पढ़ें

HighLights
- रथ सप्तमी का पर्व बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
- रथ सप्तमी को लोग माघ सप्तमी के नाम से भी जानते हैं।
- इस दिन भगवान सूर्य की पूजा का विधान है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। रथ सप्तमी का दिन बहुत विशेष माना जाता है। इसे माघ सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग भगवान सूर्य की आराधना करते हैं। यह पर्व माघ महीने के शुक्ल पक्ष के सातवें दिन पड़ता है। इस दिन साधक उपवास रखते हैं और उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से पापों का नाश होता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
धार्मिक मान्ताओं के अनुसार, यह दिन (Ratha Saptami 2025) भगवान सूर्य के जन्मदिन का प्रतीक है, तो चलिए इस दिन से जुड़े कुछ आसान उपाय जानते हैं, जिससे जीवन की भय-बाधाओं का नाश किया जा सके।

भोर में अर्घ्य दें (Ratha Saptami Upay)
रथ सप्तमी के दिन भगवान सूर्य देव को अर्घ्य जरूर देना चाहिए। इसलिए सुबह जल्दी उठें और प्रातःकाल नहाकर उगते हुए सूर्य को जल चढ़ाएं। अर्घ्य तांबे के लोटे से ही दें। जल में लाल चन्दन, चावल, लाल फूल और कुश आदि चीजें डालें। इसके बाद सूर्य देव के वैदिक मंत्रों का जाप करें। इससे अपार धन और यश की प्राप्ति होगी। साथ ही भगवान सूर्य की कृपा मिलेगी।
करें ये दान करें (Ratha Saptami Daan)
सप्तमी तिथि पर सूर्य देव की विधिपूर्वक पूजा करें। हो सके तो उपवास रखें। इसके अलावा तांबे का बर्तन, लाल वस्त्र, गेहूं, गुड़, माणिक्य, लाल चंदन, गर्म कपड़े और लाल रंग की चीजें आदि का दान करें। इस उपाय को करने से कुंडली में सूर्य के दोष दूर हो जाते हैं। इसके साथ ही परिवार में खुशहाली आती है।
पूजा मंत्र (Ratha Saptami Mantra)
- ऊँ आदित्याय विदमहे प्रभाकराय धीमहितन्न: सूर्य प्रचोदयात्।।
- ऊँ सप्ततुरंगाय विद्महे सहस्त्रकिरणाय धीमहि तन्नो रवि: प्रचोदयात्।।
रथ सप्तमी डेट और शुभ मुहूर्त (Ratha Saptami Shubh Muhurat)
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत 04 फरवरी को सुबह 04 बजकर 37 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन 05 फरवरी को देर रात 02 बजकर 30 मिनट पर होगा। सनातन धर्म में उदया तिथि का महत्व है।
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इसी वजह से 04 फरवरी को रथ सप्तमी मनाई जाएगी। इस दिन स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 23 मिनट से लेकर 07 बजकर 08 मिनट तक रहेगा।
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