Rohini Vrat 2026 Date: इस दिन रखा जाएगा रोहिणी व्रत, नोट करें शुभ मुहूर्त और योग
जैन धर्म में रोहिणी व्रत का विशेष महत्व है, जो भगवान वासुपूज्य स्वामी को समर्पित है। यह व्रत स्त्री-पुरुष दोनों सुख-सौभाग्य और शीघ्र विवाह के लिए रखते ...और पढ़ें

Rohini Vrat 2026 Date: रोहिणी व्रत का धार्मिक महत्व
HighLights
रोहिणी व्रत का जैन धर्म में खास महत्व है।
हर महीने यह पर्व बड़ी उत्साह से मनाया जाता है।
इस व्रत को करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जैन धर्म में रोहिणी व्रत का खास महत्व है। यह पर्व भगवान वासुपूज्य स्वामी को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर साधक भक्ति भाव से भगवान वासुपूज्य स्वामी की पूजा करते हैं। वहीं, सुख और सौभाग्य में वृद्धि के लिए व्रत भी रखते हैं।

इस व्रत को स्त्री और पुरुष दोनों ही वर्ग के लोग करते हैं। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से विवाहित महिलाओं के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। वहीं, अविवाहित जातकों की शादी शीघ्र हो जाती है। आइए, रोहिणी व्रत की सही डेट और योग जानते हैं-
रोहिणी व्रत शुभ मुहूर्त (Rohini Vrat Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, 28 जनवरी को माघ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। दशमी तिथि का संयोग शाम 04 बजकर 35 मिनट तक है। इसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। माघ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर रोहिणी व्रत भी मनाया जाएगा। इस शुभ तिथि पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग सुबह 09 बजकर 27 मिनट से है। व्रती (साधक) 28 जनवरी को सुविधा अनुसार समय पर परम पूज्य भगवान वासु स्वामी की पूजा कर सकते हैं।
रोहिणी व्रत शुभ योग (Rohini Vrat Shubh Yoga)
माघ माह के रोहिणी व्रत पर ब्रह्म और इंद्र योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ब्रह्म योग का समापन रात 11 बजकर 54 मिनट पर होगा। ब्रह्म योग में भगवान वासु स्वामी की पूजा करने से व्रती की हर मनोकामना पूरी होगी। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी। इसके साथ ही रोहिणी व्रत पर सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग है।
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