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    सावन में शिव पूजा से ऐसे खत्म होगा कालसर्प दोष, नोट कर लें ये 5 आसान उपाय

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 09:15 AM (IST)

    कुंडली में कालसर्प दोष के कारण परेशानियां बढ़ गई हैं? सावन के पावन महीने में भगवान शिव की भक्ति और इन 5 आसान ज्योतिषीय उपायों से दोष के बुरे प्रभावों ...और पढ़ें

    कालसर्प दोष के निवारण के उपाय (AI-Generated Image)

    कालसर्प दोष के निवारण के उपाय (AI-Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अगर आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है और इसकी वजह से बनते काम बिगड़ रहे हैं, तो सावन का महीना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव नागों के आराध्य देव हैं। इसलिए सावन में भोलेनाथ की पूजा करने से कालसर्प दोष का प्रभाव खत्म या काफी हद तक कम हो जाता है।

    ज्योतिष शास्त्र में जब राहु और केतु के बीच बाकी सभी सात ग्रह आ जाते हैं, तब कालसर्प दोष बनता है। इसमें राहु को सांप का मुंह और केतु को उसकी पूंछ माना गया है। इस दोष की वजह से इंसान को करियर, सेहत और पारिवारिक जीवन में काफी उतार-चढ़ाव देखने पड़ते हैं। अगर आप भी इससे परेशान हैं, तो सावन के दौरान ये 5 काम जरूर करें:

    • शिवलिंग पर 108 बेलपत्र चढ़ाएं: सावन के हर सोमवार को किसी पास के शिव मंदिर जाएं। साफ बेलपत्रों पर चंदन से 'ॐ नमः शिवाय' लिखें और 108 बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित करें। इससे शिवजी प्रसन्न होते हैं और जीवन की रुकावटें दूर होती हैं।
    • महामृत्युंजय मंत्र का जप: सावन में रोज या हर सोमवार को महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। यह मंत्र न सिर्फ अकाल मृत्यु के डर को मिटाता है, बल्कि राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को भी बेअसर कर देता है। आप घर पर या मंदिर में बैठकर इसका जप कर सकते हैं।
     
    • रुद्राभिषेक करें: सावन के सोमवार को गंगाजल, कच्चे दूध, दही, घी और शहद (पंचामृत) से शिवलिंग का अभिषेक करें। रुद्राभिषेक करने से भोलेनाथ की असीम कृपा मिलती है और कालसर्प दोष से राहत मिलती है।
    • नाग-नागिन के जोड़े की पूजा: चांदी या तांबे का एक छोटा सा नाग-नागिन का जोड़ा खरीदें। सावन भर या हर सोमवार को इनकी पूजा करें। सावन खत्म होने पर इस जोड़े को किसी पुराने शिव मंदिर में चढ़ा दें या जल में प्रवाहित कर दें।
    • नौ नागों के नाम का ध्यान: नौ प्रमुख नागों-अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कंबला, कर्कोटक, धृतराष्ट्र, शंखपाल और तक्षक के नामों का रोज स्मरण करें। अपनी अनजानी भूलों के लिए क्षमा मांगें, इससे नाग देवता का आशीर्वाद मिलता है।

    अगर आप सावन के शुभ दिनों में इन आसान उपायों को पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ अपनाएं तो ज्योतिष कहता है आपके जीवन में शुभ और सकारात्मक बदलाव जरूर दिखने लगेंगे।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

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