यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kalashtami 2024 Upay: मनचाही जॉब पाने के लिए कालाष्टमी पर जरूर आजमाएं ये टोटके, बिजनेस में होगी वृद्धि
धार्मिक मान्यता के अनुसार कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा करने से जातक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन के सभी प्रकार के दुख रोग शार ...और पढ़ें

HighLights
- सनातन धर्म में कालाष्टमी का अधिक महत्व है।
- कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है।
- सावन में कालाष्टमी 28 जुलाई को है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Kab Hai Kalashtami 2024: अष्टमी तिथि काल भैरव को समर्पित है। हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार, सावन के महीने में कालाष्टमी 27 जुलाई को मनाई जाएगी। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही व्रत के दौरान श्रद्धा अनुसार गरीब लोगों में अन्न, धन और वस्त्र का दान किया जाता है।
कालाष्टमी के टोटके (Kalashtami Ke Totke)
- अगर आप जीवन में धन की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा करें। इसके बाद गरीब लोगों में दान करें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन लाभ के योग बनते हैं और जीवन में कभी भी पैसों की कमी का सामना नही करना पड़ता है।
- घर में उत्पन्न नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति पाने के लिए कालाष्टमी के दिन काल भैरव को मीठी रोटी का भोग लगाएं। ऐसा कहा जाता है कि इस टोटके को करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
- नौकरी में सफलता पाने के लिए कालाष्टमी के दिन किया गया उपाय बेहद फलदायी साबित होता है। अष्टमी तिथि पर एक नारियल पर लाल रंग से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। इसके पश्चात इसे लौंग और काली मिर्च के साथ काल भैरव को अर्पित करें। इससे जातक को मनचाही जॉब मिलती है और बिजनेस में वृद्धि होती है।
(2).jpg)
इन कार्यों को करने से बचें
- कालाष्टमी के दिन मांसाहारी भोजन के सेवन से दूर रहें।
- किसी से झूठ नहीं बोलना चाहिए।
- दूसरे के प्रति मन में गलत विचार धारण नहीं करने चाहिए।
- किसी व्यक्ति का अपमान न करें।
- कालाष्टमी के दिन नुकीली चीजों का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए।
यह भी पढ़ें: Kalashtami 2024: सावन माह में कब मनाई जाएगी कालाष्टमी? नोट करें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।