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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Surya Grahan 2025: शनि अमावस्या पर रहेगा सूर्य ग्रहण का साया, इन राशियों को रहना होगा सावधान

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Tue, 25 Mar 2025 06:53 PM (IST)

    ज्योतीषियों की मानें तो चैत्र अमावस्या के दिन न्याय के देवता शनिदेव (Shani Gochar 2025) अपनी चाल बदलेंगे। वर्तमान समय में शनिदेव कुंभ राशि में मार्गी ...और पढ़ें

    Surya Grahan 2025: सूर्य ग्रहण पर क्या करें और क्या न करें?
    Surya Grahan 2025: सूर्य ग्रहण पर क्या करें और क्या न करें?

    HighLights

    1. शनिदेव को कर्मफल दाता भी कहा जाता है।
    2. शनिदेव की पूजा करने से दुखों का नाश होता है।
    3. चैत्र अमावस्या के दिन शनिदेव राशि परिवर्तन करेंगे।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का खास महत्व है। इस दिन गंगा स्नान कर देवों के देव महादेव की पूजा की जाती है। साथ ही पितरों का तर्पण एवं पिंडदान किया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, शनिवार 29 मार्च को चैत्र अमावस्या है।

    शनिवार के दिन पड़ने के चलते यह शनिश्चरी अमावस्या भी कहलाएगी। शनिश्चरी अमावस्या पर साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है। सूर्य ग्रहण के दौरान  मायावी ग्रह राहु-केतु का प्रभाव पृथ्वी पर बढ़ जाता है। इसके लिए ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है।

    ज्योतिषियों की मानें तो साल का पहला सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2025 Kab Hai) भारत में नहीं दिखाई देगा। इसके लिए सूतक भी मान्य नहीं होगा। इसके बावजूद कई राशि के जातकों को ग्रहण के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है। आइए, इन राशियों के बारे में जानते हैं-

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    सूर्य ग्रहण 2025

    ज्योतिषियों की मानें तो 29 मार्च के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। साल का पहला सूर्य ग्रहण चैत्र अमावस्या को भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और संध्याकाल में 6 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगा।

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    मेष राशि

    सूर्य ग्रहण के दौरान मेष राशि के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है। शुभ काम न करें। निवेश करने से बचें। कोई अहम फैसले न लें। नकारात्मक जगहों पर जाने से बचें। किसी से विवाद न करें। इस राशि पर सूर्य देव की विशेष कृपा बरसती है। इसके लिए वाणी और क्रोध पर कंट्रोल रखें। ग्रहण के बाद लाल चीजों का दान जरूर करें।

    सिंह राशि

    सिंह राशि के राशि स्वामी सूर्य देव हैं और आराध्य जगत के पालनहार भगवान विष्णु हैं। इसके लिए ग्रहण के दौरान सिंह राशि के जातकों को सतर्क रहने की जरूरत है। शुभ काम न करें। किसी से विवाद न करें। आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलें। ग्रहण के समय महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। यात्रा करने से बचें। सूर्य ग्रहण के बाद अन्न और धन का दान करें।

    मीन राशि

    वर्तमान समय में सूर्य देव और राहु दोनों मीन राशि में विराजमान हैं। सूर्य देव और मायावी ग्रह राहु के मध्य शत्रुवत संबंध है। इसके लिए खरमास समाप्त होने तक कोई मांगलिक काम न करें। ग्रहण के दिन सावधानी बरतें। कारोबार या करियर संबंधी फैसले न लें। भावनाओं में बहकर भी कोई निर्णय न लें। ऐसा करने से नुकसान हो सकता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।