यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Shiv Puran Katha: शिव पुराण कथा का श्रवण करने से मिलते हैं कई लाभ, लेकिन पहले जान लें इसके नियम
Shiv Puran Katha Benefits हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण पुराणों में से एक शिव पुराण भी है। यह सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले धार्मिक ग्रंथों में से भी एक है। क ...और पढ़ें

HighLights
- शिव पुराण में वर्णित हैं भगवान शिव की महिमा।
- शिव पुराण कथा को सुनने से साधक को मिलते हैं कई लाभ।
- शिव पुराण कथा का श्रवण करने के बताए गए हैं कई नियम।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Shiv Puran Katha: शिव पुराण 18 पुराणों में से एक है, जिसमें भगवान शिव की लीलाओं और कथाओं का वर्णन मिलता है। इस पुराण में शिव जी की महिमा को कथाओं के रूप में बताया गया है। ऐसे में यदि आप शिव पुराण का पाठ करते हैं तो इससे आपको अनगिनत लाभ मिल सकते हैं, लेकिन इसके कुछ जरूरी नियमों को भी जानना जरूरी है।
मिलते हैं ये लाभ
शिव पुराण की कथा से संतानहीन लोगों सतांन की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही गंभीर रोगों से भी समस्त परिवार के मुक्ति मिलती है। शिव पुराण में इस बात का भी वर्णन मिलता है कि शिव पुराण के श्रवण करने वाले साधकों को शिवलोक में स्थान मिलता है। साथ ही यह भी माना गया है कि इस कथा को सुनने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं।
जरूर करें ये काम
शिव पुराण की कथा का श्रवण करने से पहले संकल्प लें कि आप पूरे श्रद्धा भाव और शिव जी का ध्यान करते हुए कथा का श्रवण करेंगे। इसके साथ ही कथा के दौरान पूरे भक्ति भाव से कथा सुनें, क्योंकि ऐसा माना गया है कि मन में विश्वास न होने पर व्यक्ति को पूर्ण फल की प्राप्ति नहीं हो सकती है। आप जब भी शिव पुराण की कथा आयोजन करें तो अपने सगे-संबंधियों को भी आमंत्रित करें ताकि जब इसका लाभ उठा सकें।
ध्यान रखें ये जरूरी नियम
शिव पुराण की कथा कई दिनों तक चलती है। ऐसे में दिन के जितने समय आप कथा का श्रवण कर रहे हैं उस समय तक निराहार रहना चाहिए। साथ ही पाठ का संकल्प लेने वाले व्यक्ति को पाठ पूरा होने तक एक समय ही भोजन करना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि भोजन सात्विक होना चाहिए। साथ ही संकल्प लेने वाले व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन भी जरूर करना चाहिए।
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इन चीजों से करें परहेज
आप जितने दिनों तक शिव पुराण की कथा श्रवण कर रहे हों उतने समय तक बासी भोजन, मसूर की दाल, गाजर, हींग, लहसुन, प्याज, सेम, मांस और शराब आदि के सेवन से परहेज करना चाहिए। वरना आपको कथा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा।
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