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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Sita Navami 2025 Daan List: सीता नवमी पर करें इन चीजों का दान, मिलेगा मनचाहा वरदान

    Updated: Sat, 26 Apr 2025 03:11 PM (IST)

    सीता नवमी श्रद्धा और भक्ति का दिन है। इस दिन सच्चे मन से माता सीता की पूजा-अर्चना और व्रत करने का विधान है। इस साल यह पर्व (Sita Navami 2025) 5 मई को ...और पढ़ें

    Sita Navami 2025 Daan List: सीता नवमी पर करें ये दान।
    Sita Navami 2025 Daan List: सीता नवमी पर करें ये दान।

    HighLights

    1. सीता नवमी का पर्व बेहद शुभ माना जाता है।
    2. सीता नवमी वैशाख माह की नवमी तिथि को मनाई जाती है।
    3. सीता नवमी को जानकी नवमी के नाम से भी जाना जाता है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी का पावन पर्व मनाया जाता है। यह दिन माता सीता के जन्म का प्रतीक है। इस दिन देवी की विधि-विधान से पूजा और व्रत करने का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल सीता नवमी (Sita Navami 2025) 5 मई को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष वस्तुओं का दान करने से माता सीता प्रसन्न होती हैं और भक्तों को मनचाहा वरदान देती हैं, तो आइए जानते हैं कि इस दिन सीता नवमी पर क्या दान करना शुभ माना जाता है?

    अन्न और वस्त्र

    सीता नवमी के दिन जरूरतमंदों को अन्न का दान करना फलदायी माना जाता है। ऐसे में आप चावल, गेहूं, दाल, आटा, और अन्य अनाज का दान कर सकते हैं। इसके अलावा इस मौके पर नए या साफ वस्त्रों का दान करना भी शुभ माना जाता है। खासतौर से महिलाओं को वस्त्र दान करने से सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

    फल और मिठाई

    इस दिन मौसमी फलों जैसे - आम, खरबूजा, तरबूज और पेड़ा, बर्फी, या खीर आदि का दान कर सकते हैं। इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और पारिवारिक रिश्तों में मधुरता आती है।

    शृंगार की सामग्री

    सुहागिन महिलाओं के लिए सीता नवमी का विशेष महत्व है। ऐसे में इस दिन शृंगार सामग्री जैसे - कुमकुम, सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी और वस्त्र आदि का दान कर सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से माता सीता की कृपा से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।

    मिट्टी के बर्तन

    गर्मी के मौसम में जल का दान करना विशेष रूप से पुण्यदायी माना जाता है। सीता नवमी के दिन प्यासे लोगों को पानी पिलाना या मिट्टी के बर्तन जैसे घड़े आदि का दान करना उत्तम माना जाता है। इससे शीतलता और शांति की प्राप्ति होती है।

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    गुड़ और चना

    कुछ क्षेत्रों में सीता नवमी के दिन गुड़ और चने का दान करने की भी परंपरा है। यह दान स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है।

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