सोए व्यक्ति को लांघने से पहले पढ़ें महाभारत की यह कथा, हनुमान जी ने तोड़ा था भीम का अहंकार
आपने सुना होगा कि किसी भी व्यक्ति को लांघने से मना किया जाता है, लेकिन ऐसा क्यों ये नहीं जानते ...और पढ़ें

जानिए लांघने से मना क्यों किया जाता है? (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। बचपन में आपने भी अपने घर में कई बार सुना होगा कि सोए हुए इंसान को लांघकर नहीं जाना चाहिए। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों कहा जाता है? यह सिर्फ कोई पुरानी बात या अंधविश्वास नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी धार्मिक और पौराणिक मान्यताएं छिपी हैं।
एस्ट्रोपत्री की ज्योतिषी रजनी गुप्ता जी इसके पीछे का कारण बहुत ही स्पष्ट शब्दों में बताती हैं। उनके अनुसार, सनातन परंपरा में सोए हुए व्यक्ति को लांघकर जाना बेहद अनुचित और अनादर का प्रतीक माना गया है।
महाभारत का वह किस्सा, जब टूटा भीम का घमंड
इस नियम को गहराई से समझने के लिए हमें महाभारत काल के उस मशहूर प्रसंग को जानना होगा, जब महाबली भीम का सामना भगवान हनुमान से हुआ था।
दरअसल, जब पांडव अपना वनवास काट रहे थे। एक दिन भीम जंगल के रास्ते कहीं जा रहे थे। तभी रास्ते में उन्होंने देखा कि एक बूढ़ा वानर (बंदर) गहरी नींद में सो रहा है और उसकी लंबी पूंछ ने पूरा रास्ता घेर रखा है। भीम ने वानर से अपनी पूंछ हटाने का आग्रह किया। वह बूढ़ा वानर कोई और नहीं, बल्कि स्वयं हनुमान जी थे। उन्होंने भीम की परीक्षा लेने के लिए कहा, "भाई, मैं तो बहुत बूढ़ा और बीमार हूं। तुम ऐसा करो, मुझे लांघकर ही आगे चले जाओ।"
हनुमान जी की यह बात सुनकर भीम ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया। भीम ने जवाब दिया, "हर प्राणी के भीतर ईश्वर का अंश होता है। किसी को लांघना सीधे-सीधे ईश्वर का अनादर करना है।"
जब भीम ने लांघने से इनकार किया, तो हनुमान जी ने कहा कि तुम खुद ही मेरी पूंछ हटाकर रास्ता बना लो। महाबली भीम ने पूंछ हटाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी, लेकिन पूंछ टस से मस नहीं हुई। तब भीम का घमंड पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उन्हें सीख मिली कि असली बल अहंकार में नहीं, बल्कि विनम्रता में है।
क्या कहता है विज्ञान और अध्यात्म?
हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी यही बात कही गई है कि दुनिया के हर जीव में भगवान का बसे हैं। इसलिए, लेटे हुए व्यक्ति को लांघना भगवान के अपमान जैसा माना गया है। इसके अलावा, इसका एक ऊर्जा से जुड़ा कारण भी है। माना जाता है कि सोते समय इंसान के शरीर के चारों ओर एक सकारात्मक ऊर्जा का घेरा होता है। जब हम किसी सोए हुए व्यक्ति को लांघते हैं, तो उसकी उस सकारात्मक ऊर्जा में बाधा आती है। यही वजह है कि हमारे पूर्वजों ने सोए हुए व्यक्ति को न लांघने का यह नियम बनाया था।
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