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    Pradosh Vrat 2026 Date: चैत्र महीने का पहला प्रदोष व्रत कब है? यहां नोट करें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

    Updated: Mon, 02 Mar 2026 01:31 PM (IST)

    प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026 Date) का फल दिन अनुसार मिलता है। सोम प्रदोष व्रत करने से मनचाही मुराद पूरी होती है। ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2026 Date: प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

    Pradosh Vrat 2026 Date: प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

    HighLights

    1. प्रदोष व्रत देवों के देव महादेव को समर्पित होता है।

    2. इस दिन शिवजी और मां पार्वती की पूजा की जाती है।

    3. शिवजी की पूजा करने से हर परेशानी से मुक्ति मिलती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत मनाया जाता है। इस शुभ तिथि पर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा, भक्ति और साधना की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक पर भगवान शिव की कृपा बरसती है। उनकी कृपा से साधक को जीवन में सभी प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। आइए, चैत्र माह का पहले प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त जानते हैं-

    shiv ji

    प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat Shubh Muhurat)

    • त्रयोदशी तिथि की शुरुआत - 16 मार्च को सुबह 09 बजकर 40 मिनट पर
    • त्रयोदशी तिथि की समापन - 17 मार्च को सुबह 09 बजकर 23 मिनट पर

    प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026 Kab Hai)

    त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। इसके लिए प्रदोष व्रत के दिन संध्या बेला (प्रदोष काल) का मुहूर्त देखा जाता है। सूर्यास्त होने के साथ ही प्रदोष काल शुरू होता है। प्रदोष बेला भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा के लिए मंगलकारी माना जाता है। इस प्रकार 16 मार्च को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। सोमवार के दिन पड़ने के चलते यह सोम प्रदोष व्रत कहलाएगा। सोम प्रदोष व्रत पर पूजा के लिए शुभ समय शाम 06 बजकर 30 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 54 मिनट तक है।

    सोम प्रदोष व्रत शुभ योग (Pradosh Vrat Shubh Yog)

    चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर शिव और सिद्ध योग का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही प्रदोष व्रत पर शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है। शिववास योग के दौरान भगवान शिव कैलाश पर नंदी की सवारी करेंगे। इन योग में भगवान शिव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी।


    पंचांग

    • सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 30 मिनट पर
    • सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 30 मिनट पर
    • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 54 मिनट से 05 बजकर 42 मिनट तक
    • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 18 मिनट तक
    • गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 27 मिनट से लेकर 06 बजकर 52 मिनट तक
    • निशिता मुहूर्त - रात 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक

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