यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Supari Ke Totke: छोटी-सी सुपारी बना सकती है बड़े काम, बस करने होंगे ये उपाय
पूजा या फिर किसी धार्मिक अनुष्ठान के समय मुख्य रूप से सुपारी का उपयोग किया जाता है। हिंदू धर्म में अखंडित सुपारी गौरी-गणेश का रूप मानी जाती है। साथ ही ...और पढ़ें

HighLights
- गौरी-गणेश का रूप मानी जाती है अखंडित सुपारी।
- धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है सुपारी का उपयोग।
- ज्योतिष की दृष्टि से भी शुभ मानी गई है सुपारी।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सुपारी को हिंदू धर्म में बहुत ही खास महत्व दिया गया है। छोटी-सी दिखने वाली सुपारी भी व्यक्ति को कई समस्याओं से छुटकारा दिला सकती है। ऐसे में ज्योतिष शास्त्र में सुपारी से जुड़े कई उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप जीवन की आप धन संबंधी समस्या से लेकर करियर में आ रही परेशानी तक से मुक्ति पा सकते हैं।
काम में नहीं आएगी बाधा
यदि आपका कोई काम लंबे समय से अटका हुआ है, तो इसके लिए आप बुधवार के दिन सुपारी का ये टोटका कर सकते हैं। सबसे पहले एक पान का पत्ते लें और इस पर देसी घी में लाल सिन्दूर मिलाकर स्वस्तिक बनाएं। इसके बाद एक सुपारी को कलावे में लपेटकर इस पत्ते पर रख दें। अब इन सभी चीजों को गणेश जी के समक्ष रखकर पूजा करें। रोजाना इनकी पूजा करने से काम में कोई व्यवधान नहीं आते।
.jpg)
जरूरी काम पर जाने से पहले करें ये उपाय
यदि आप किसी जरूरी काम से बाहर जा रहे हैं, तो उससे पहले सुपारी का ये टोटका जरूर अपनाना चाहिए। इसके लिए बाहर जाने से पहले एक कोरे लाल कपड़े में सुपारी और लौंग रखकर इसे गणेश जी के समक्ष रख दें। इसके बाद ओम गं गणपतए नमः का जाप करें। ऐसा करने से आपके सारे काम बन सकते हैं।
यह भी पढ़ें - Palmistry: हाथ पर मौजूद ये 3 निशान बना सकते हैं आपको धनवान, जानिए इनका मतलब
दूर होता है नजरदोष
यदि कोई व्यक्ति नजरदोष से परेशान है, तो ऐसे में सुपारी का टोटका आपके काम आ सकता है। इसके लिए सुपारी को 7 बार उस व्यक्ति के सिर से उतारें जिसे नजर लग गई है। इसके बाद इस सुपारी को हवन कुंड में जला दें। इससे बुरी नजर दूर होती है, साथ ही आने वाली बला भी टल जाती है।
खबरें और भी
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।