Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण के दौरान क्या सूर्य देव को जल चढ़ाना चाहिए? जानें अर्घ्य देने का सही नियम
साल 2026 का सूर्य ग्रहण धार्मिक और ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक बेहद महत्वपूर्ण है। अक्सर लोग सुबह उठकर सूर्य देव को जल अर्पित करते हैं, लेकिन क्या ग्रह ...और पढ़ें

Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण के नियम (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति में सूर्य को केवल एक तारा नहीं, बल्कि 'साक्षात देवता' माना गया है। यही कारण है कि करोड़ों लोग रोज सुबह सूर्य को अर्घ्य देकर अपने दिन की शुरुआत करते हैं। लेकिन, जब बात सूर्य ग्रहण की आती है, तो नियम बदल जाते हैं। साल 2026 में लगने वाला सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2026) अपने साथ कई धार्मिक सूतक (Sutak) नियम लेकर आ रहा है।
सूतक काल और वर्जित कार्य
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य ग्रहण शुरू होने से ठीक 12 घंटे पहले 'सूतक काल' लग जाता है। इस समय को आध्यात्मिक दृष्टि से 'अशुद्ध' माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, सूतक लगने के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और किसी भी प्रकार की मूर्ति पूजा या शुभ कार्य नहीं किया जाता।
क्या ग्रहण के दौरान जल चढ़ाना चाहिए?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ग्रहण के वक्त सूर्य को जल देना चाहिए? शास्त्रों और ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, ग्रहण के दौरान सूर्य देव पर राहु-केतु का प्रभाव होता है, जिसे 'कष्टकारी' माना जाता है। जब सूर्य स्वयं संकट (ग्रहण) में हों, तो उन्हें जल अर्पित करना शुभ नहीं माना जाता। अर्घ्य देने का अर्थ है देवता की ऊर्जा का स्वागत करना, लेकिन ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का प्रभाव अधिक होता है।

(Image Source: AI-Generated)
कब दें सूर्य को जल?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल खत्म होने के बाद जब आप स्नान कर लें और पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव कर लें, तभी सूर्य देव की उपासना करनी चाहिए। धार्मिक गुरुओं का मानना है कि ग्रहण खत्म होने के बाद जल चढ़ाना 'शुद्धि' का प्रतीक है और यह आपके जीवन में सकारात्मकता लाता है।
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सूर्य ग्रहण के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें:
अर्घ्य न दें, लेकिन मन ही मन 'ॐ सूर्याय नमः' का जाप करना बहुत फलदायी होता है।
ग्रहण से पहले ही खाने-पीने की चीजों में तुलसी दल डाल दें।
इस दौरान बाहर निकलने और नुकीली चीजों के इस्तेमाल से बचें।
ग्रहण के बाद अनाज, तिल और गुड़ का दान करना शुभ माना जाता है।
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