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    हनुमान चालीसा की ये 1 चौपाई है सबसे शक्तिशाली, पाठ करते ही दूर हो जाएंगे सारे बड़े रोग

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 12:15 PM (IST)

    हनुमान चालीसा में एक शक्तिशाली चौपाई है, जिसके निरंतर जाप से सभी रोग और कष्ट दूर होते हैं। यह चौपाई भक्तों को शारीरिक और मानसिक शांति प्रदान कर बजरंगब ...और पढ़ें

    रोगों को दूर करती है हनुमान चालीसा की ये चौपाई (Picture Credit- AI Generated)

    रोगों को दूर करती है हनुमान चालीसा की ये चौपाई (Picture Credit- AI Generated)  

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    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हनुमान चालीसा का हर एक शब्द खास ऊर्जा से भरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विधिपूर्वक हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होते हैं और भक्त को भय से छुटकारा मिलता है।

    संकटमोचन हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है, क्योंकि हिंदू धर्म में बजरंबली को सभी संकटों को दूर करने वाला देवता माना गया है। हनुमान चालीसा में एक शक्तिशाली चौपाई है, जिसका अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भक्त हनुमान जी का ध्यान करता है, तो उसे सभी रोग से छुटकारा मिलता है। साथ ही बजरंगबली की कृपा प्राप्त होती है।

    अब आप सोच रहे होंगे कि वो कौन सी शक्तिशाली चौपाई है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं चौपाई और इसके अर्थ के बारे में।

    हनुमान चालीसा की अत्यंत शक्तिशाली चौपाई

    नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

    अर्थ- हनुमान चालीसा की अधिक शक्तिशाली चौपाई का अर्थ है कि लगातार संकटमोचन हनुमान जी का ध्यान करने से शरीर को सभी तरह के रोग और कष्ट की समस्या से छुटकारा मिलता है।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, विधिपूर्वक हनुमान चलीसा की चौपाई का पाठ करने से साधक के मन को शांति प्राप्त होती है और सभी प्रकार के दुखों से छुटकारा मिलता है। साथ ही भक्त पर हनुमान जी की कृपा बनी रहती है।

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    इन बातों का रखें ध्यान

    • हनुमान चलीसा का पाठ करते समय किसी बारे में गलत न सोचें।
    • किसी से वाद-विवाद न करें।
    • काले रंग के कपड़े धारण न करें।
    • साफ-सफाई का ध्यान रखें।
    • तामसिक भोजन का सेवन न करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।