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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्यों करते हैं व्रत, जानिए व्रत के दिन कितना खाना चाहिए… क्या खान चाहिए

    Updated: Tue, 03 Jun 2025 03:01 PM (GMT+05:30)

    व्रत क्यों किया जाता है और इस दिन क्या खाना चाहिए इस विषय पर कई मतभेद हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित गिरीश व्यास के अनुसार व्रत का अर्थ है प्रभु भक्ति में ल ...और पढ़ें

    व्रत शरीर की आंतरिक शुद्धि और मानसिक शुद्धि के लिए करना चाहिए।
    व्रत शरीर की आंतरिक शुद्धि और मानसिक शुद्धि के लिए करना चाहिए।

    HighLights

    1. जहां तक हो सके, केवल पानी या फल का सेवन करना चाहिए।
    2. रोजाना की कैलोरी का 20-30 प्रतिशत फलाहार कर सकते हैं।
    3. पूरे दिन खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी या जूस पीते रहें।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। व्रत के दिन कितना और क्या खाना चाहिए। इस बात को लेकर हमेशा ही मतभेद रहते हैं। कुछ लोग नवरात्रि में नौ दिन का व्रत सिर्फ एक लौंग पर रख लेते हैं। कुछ लोग पहले और आखिरी नवरात्रि का व्रत रखते हैं। कुछ लोग पूरे दिन कुछ न कुछ खाया करते हैं। 

    ऐसे में सवाल यह है कि आखिर व्रत क्यों किया जाता है। इस दिन कितना खाना चाहिए और क्या खाना चाहिए। इस बारे में इंदौर के ज्योतिषाचार्य पंडित गिरीश व्यास कहते हैं कि संकल्पं इति व्रतः यानी उपवास का संकल्प ही व्रत है अर्थात आज में प्रभु भक्ति में लीन होकर निराहार रहूंगा यही मन में ठान लेना ही व्रत है

    वास्तव में आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखें, तो व्रत शरीर की आंतरिक शुद्धि और मानसिक शुद्धि के लिए किया जाता है। इसलिए, जितना संभव हो खाने की बजाय उस संकल्प को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए, जिसके लिए आपने व्रत रखा है। 

    आप जिस भी देवी या देवता को प्रसन्न करने के लिए व्रत रख रहे हैं, उसकी पूजा पर ध्यान लगाना चाहिए। जहां तक संभव हो सिर्फ पानी पीना चाहिए। या थोड़ी मात्रा में फलों का सेवन या जूस भी पी सकते हैं। 

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    यदि खाना हो, तो कितना खाना चाहिए

    यदि आपसे भूखे पेट नहीं रहा जाता है, तो आप व्रत वाले दिन आपको अपनी रोजाना की कैलोरी का 20 से 30 प्रतिशत तक खाना चाहिए। इसके लिए आप चाहें, तो थोड़ा फलाहार कर सकते हैं, ताकि पूरे दिन आपको ऊर्जा मिलती रहे। 

    व्रत वाले दिन को अलग तरह के पकवान जैसे सिंघाड़े के आटे का हलुआ, आलू तलकर खाना, मखाने की खीर भरपेट खाने के मौके के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हालांकि, व्रत में आप इन्हें खा सकते हैं, लेकिन कोशिश कीजिए कि व्रत को व्रत की तरह ही रखें। 

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    क्या खाना चाहिए

    व्रत के दौरान या व्रत पूरा होने के बाद एकदम से भरपेट नहीं खान चाहिए। व्रत के दौरान बिल्कुल सादा, बिना तला-भुना सादा आहार लेना चाहिए। संभव हो, तो दही, छाछ, खीरा, सेब, कम घी में बने आलू, साबूदाना की खिचड़ी या खीर खाई जा सकती है। 

    इसके आलावा कुट्टू के आटे की रोटियां-हलवा या पूड़ी, लौकी की बनी कोई सादा मिठाई या कालीमिर्च और सेंधे नमक में उबालकर हल्‍की फ्राई लौकी की सब्जी खा सकते हैं। फल की जगह पर जूस भी पी सकते हैं। मगर, ध्यान रखें कि यह सिर्फ आपको ऊर्जा देने के लिए हो, न कि भरपेट खाने के लिए। 

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।