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    ज्येष्ठ माह में क्यों नहीं होती घर के बड़े लड़के या लड़की की शादी, इस बारे में क्या कहते हैं शास्त्र?

    Updated: Thu, 21 May 2026 10:29 AM (IST)

    हिंदू धर्म शास्त्रों में ज्येष्ठ माह में घर के बड़े बेटे या बेटी की शादी न करने की सलाह दी जाती है। चलिए जानते हैं इस बारे में। ...और पढ़ें

    ज्येष्ठ माह में बड़े बेटे-बेटी की शादी क्यों है वर्जित (Picture Credit- AI Generated)

    ज्येष्ठ माह में बड़े बेटे-बेटी की शादी क्यों है वर्जित (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. ज्येष्ठ माह में घर के बड़े बच्चों का विवाह वर्जित माना गया है

    2. 'त्रि-ज्येष्ठ दोष' के कारण विवाह को अशुभ माना जाता है

    3. गर्मी और शारीरिक श्रम भी एक प्रमुख कारण है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। इस साल ज्येष्ठ का महीना 2 मई से 29 जून तक रहने वाला है। ज्येष्ठ माह को जेठ भी कहा जाता है। इस बार अधिक मास (मलमास) के कारण ज्येष्ठ का महीना लगभग दो महीने (59 दिन) तक चलने वाला है। इस माह से हिंदू धर्म की कई मान्यताएं जुड़ी हैं, जिसमें से एक यह भी है कि ज्येष्ठ में घर के बड़े बेटे या बड़ी बेटी का शादी नहीं की जाती। 

    ज्येष्ठे मासि कर ग्रहों न शुभत ज्येष्ठांगना पुत्रयोः
    ज्येष्ठे मास्यपि जातयोश्च यदि वा ज्येष्ठोडुसम्भूतयोः।
    दम्पत्योर्यदि येन केन विधिना ज्येष्ठत्रयं चास्ति चेत्।
    त्रिज्येष्ठाहय दोषदो हि सततं नाप्याद्य गर्भद्वये।।

    इस श्लोक का अर्थ है कि वर-वधू दोनों अपने माता-पिता की सबसे बड़ी संतान हैं, तो उनका विवाह ज्येष्ठ मास में अशुभ होता है। ज्येष्ठ मास व ज्येष्ठा नक्षत्र में उत्पन्न वर और वधू का विवाह भी ज्येष्ठ मास में करने से बचना चाहिए। ज्येष्ठ लड़का व ज्येष्ठ लड़की (सबसे बड़े बेटा-बेटी) तथा ज्येष्ठ मास इन तीनों की स्थिति होने पर विवाह दोषपूर्ण माना जाता है।

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    क्या होता है त्रि-ज्येष्ठ दोष?

    हिंदू शास्त्रों में कहा गया है कि ज्येष्ठ महीने में घर के बड़े बेटे या बड़ी बेटी का विवाह नहीं करना चाहिए। हिंदू शास्त्रों में सबसे बड़ी संतान के लिए ज्येष्ठ मास, ज्येष्ठ तिथि या ज्येष्ठा नक्षत्र का योग अशुभ माना जाता है। गार्गी संहिता और मुहूर्त चिंतामणि जैसे ग्रंथों के अनुसार, जब घर की सबसे बड़ी संतान का विवाह उसी के जन्म के महीने या फिर ज्येष्ठ मास में किया जाता है, तब 'त्रि-ज्येष्ठ दोष' उत्पन्न होता है, जिसे 'जेठा दोष' भी कहा जाता है। इस दोष को विवाह के लिए शुभ नहीं माना जाता।

    यह भी है एक कारण

    ज्येष्ठ का महीना अत्यधिक गर्मी और धूप वाला होता है। प्राचीन काल में यात्रा और विवाह की भव्य तैयारियों में शारीरिक श्रम अधिक होता था, जिससे स्वास्थ्य पर भी इसका प्रभाव पड़ता था। इसलिए इस महीने में घर के बड़े बच्चे, जिनपर अक्सर शादी का मुख्य भार होता है, उसकी शादी से बचा जाता था।

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    कब हो सकती है शादी

    अगर लड़का या लड़की घर में सबसे बड़े हैं, लेकिन शादी ज्येष्ठ महीने में नहीं हो रही है, तो विवाह किया जा सकता है। इसी के साथ अगर वर या वधू में से केवल एक ज्येष्ठ माह में जन्मा है या घर की सबसे बड़ी संतान है हो, तो भी त्रि-ज्येष्ठ दोष नहीं लगता और विवाह किया जा सकता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।