Tulsi Mala Rules: सावधान! क्या आप भी तुलसी की माला पहनकर करते हैं ये काम? आज ही बदलें अपनी ये आदतें
तुलसी माला (Tulsi Mala Ke Niyam) पवित्रता का प्रतीक है। इसे धारण करने वाले जातक को कुछ कठिन नियमों का पालन करना होता है। आइए इस आर्टिकल में तुलसी माला ...और पढ़ें

Tulsi Mala Rules: तुलसी माला धारण करने के नियम। (AI generated Image)
HighLights
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को साक्षात लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है
इसे धारण करने पर श्री हरि की विशेष कृपा मिलती है
तुलसी की माला पहनने से व्यक्ति में सकारात्मक बदलाव होते हैं
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Tulsi Mala Rules: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को साक्षात लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। तुलसी की माला धारण करना आध्यात्मिक रूप से बहुत पुण्यदायी होता है। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति तुलसी की माला पहनते हैं, उनपर भगवान श्रीहरि की खास कृपा रहती है, लेकिन तुलसी की माला सिर्फ एक माला ही नहीं है, यह पवित्रता का प्रतीक है। अक्सर लोग फैशन या देखा-देखी में तुलसी माला पहन तो लेते हैं, लेकिन इसके नियमों का पालन नहीं करते।
शास्त्रों के अनुसार, अगर आप तुलसी माला पहनकर कुछ गलतियां करते हैं, तो इसका लाभ मिलने के बजाय आपको दोष लग सकता है। आइए इस आर्टिकल में तुलसी माला धारण करने का सही नियम जानते हैं।

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भूलकर भी न करें ये गलतियां (Spiritual Do’s And Don’ts)
- तुलसी माला (Wearing Tulsi Beads) पहनने वाले के लिए सबसे पहला और बड़ा नियम है खान-पान की पवित्रता। अगर आपने तुलसी धारण की है, तो आपको मांस, मदिरा और यहां तक कि प्याज-लहसुन जैसे तामसिक भोजन का त्याग कर देना चाहिए, क्योंकि देवी तुलसी सात्विकता का प्रतीक हैं।
- अक्सर लोग उसी माला से मंत्र जाप करते हैं, जिसे वे गले में पहनते हैं। यह एक बड़ी भूल है। शास्त्र कहते हैं कि जिस माला से आप भगवान का नाम जपते हैं, उसे हमेशा गोमुखी यानी उसकी झोली में छिपाकर रखें। गले में पहनने वाली माला और जप करने वाली माला हमेशा अलग-अलग होनी चाहिए।
- किसी अपवित्र स्थान में जाने से पहले तुलसी की माला को उतारकर किसी पवित्र स्थान पर रख दें। अगर आप इसे उतारना भूल जाते हैं, तो दोबारा पहनने से पहले इसे गंगाजल से शुद्ध कर लें।
- कई लोग एक ही धागे में तुलसी और रुद्राक्ष के मनके पिरोकर पहन लेते हैं। ज्योतिष के अनुसार, तुलसी और रुद्राक्ष को एक साथ पहनने से बचना चाहिए।
तुलसी माला पहनने की सही विधि (Tulsi Mala Ke Niyam)
- तुलसी की माला धारण करने से पहले उसे गंगाजल और पंचामृत से धोएं।
- इसके बाद भगवान विष्णु के चरणों में रखकर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।
- इसे पहनने के लिए सोमवार, गुरुवार या बुधवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है।
- पसीने या गंदगी के कारण माला मैली हो सकती है। ऐसे में इसे समय-समय पर साफ करते रहें, ताकि इसकी पवित्रता बनी रहे।
तुलसी माला पहनने के फायदे (Tulsi Mala Benefist)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी की माला गले में पहनने से मन शांत रहता है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कहा जाता है कि तुलसी जी श्री हरि को बेहद प्रिय हैं, इसलिए इन्हें धारण करने वाले व्यक्ति पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा बनी रहती है।
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