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    Tulsi Pujan Diwas 2025: 24 या 25 दिसंबर, कब है तुलसी पूजन दिवस? जानें शुभ मुहूर्त और नियम से लेकर सबकुछ

    Updated: Sun, 21 Dec 2025 04:25 PM (IST)

    हिंदू धर्म में देवी तुलसी की पूजा का विशेष महत्व है। तुलसी पूजन दिवस (Tulsi Pujan Diwas 2025) हर साल दिसंबर में मनाया जाता है। इस दिन पूजा-पाठ करने से ...और पढ़ें

    Tulsi Pujan Diwas 2025: तुलसी पूजन दिवस के नियम।

    Tulsi Pujan Diwas 2025: तुलसी पूजन दिवस के नियम।

    HighLights

    1. हिंदू धर्म में देवी तुलसी की पूजा का बड़ा महत्व है

    2. उन्हें साक्षात देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है

    3. हर साल दिसंबर के महीने में तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में देवी तुलसी की पूजा का बड़ा महत्व है। उन्हें साक्षात देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। हर साल दिसंबर के महीने में तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है। यह दिन धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। इस बार कुछ लोगों के मन इस दिन को लेकर थोड़ी कन्फ्यूजन है कि यह 24 दिसंबर को है या फिर 25 दिसंबर को? तो आइए इसकी सही तिथि से लेकर सबकुछ इस आर्टिकल में जानते हैं।

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    शुभ मुहूर्त (Tulsi Pujan Diwas 2025 Puja Shubh Muhurat)

    25 दिसंबर, 2025 को तुलसी पूजन दिवस मनाया जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ समय सुबह 08:00 बजे से 10:00 बजे तक रहेगा। वहीं, शाम का पूजन मुहूर्त शाम 05:30 बजे से 07:00 बजे तक रहेगा।

    तुलसी पूजन विधि (Tulsi Pujan Diwas 2025 Puja Vidhi)

    • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
    • तुलसी के पौधे में शुद्ध जल अर्पित करें।
    • ध्यान रहे कि जल बहुत अधिक न हो जिससे जड़ें सड़ें।
    • माता तुलसी को सिंदूर, कुमकुम और हल्दी अर्पित करें।
    • अगर हो पाए तो उन्हें लाल चुनरी भी चढ़ाएं।
    • तुलसी के पास शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
    • तुलसी के पौधे की कम से कम 7 या 11 बार परिक्रमा करें।
    • परिक्रमा करते समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।
    • सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास एक दीपक जरूर जलाएं, इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।

    पूजन के समय ध्यान रखें ये बातें (Tulsi Pujan Diwas 2025 Rules)

    • बिना स्नान किए कभी भी तुलसी के पौधे को स्पर्श न करें।
    • इस बार 25 दिसंबर को गुरुवार है, इसलिए इस दिन जल चढ़ाने में कोई बाधा नहीं है। लेकिन याद रखें कि रविवार और एकादशी को तुलसी को जल नहीं दिया जाता और न ही पत्ता तोड़ा जाता है।
    • तुलसी के गमले के आसपास गंदगी न रहने दें।
    • वहां जूते-चप्पल पहनकर न जाएं।

    तुलसी पूजन मंत्र (Tulsi Pujan Mantra)

    • महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आदि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।
    • लसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी, धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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