जहां होता है इनका वास, वहां नहीं फटकते भूत-पिशाच: जानिए कौन हैं बिहार के 'बरहम बाबा'
बिहार में बरहम बाबा एक प्रमुख लोक देवता हैं, जिन्हें गांव का संरक्षक माना जाता है और शुभ कार्यों से पहले उनका आशीर्वाद लिया जाता है।
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बिहार के लोक देवता बरहम बाबा

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारत अलग-अलग बोली, भाषा, धर्म, रीति-रिवाज और धार्मिक अनुष्ठानों का देश जहां अलग-अलग ईश्वर पूजे जाते हैं। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक कई ऐसे स्थानीय देवी-देवता पूजे जाते हैं, जिनके बारे में शायद ही जानने को मिले।
ऐसे ही एक देवता बिहार के गांव और कस्बों में पूजे जाते हैं, जिन्हें लोक देवता भी कहा जाता है। स्थानीय लोगों में इन देवी-देवताओं के प्रति अटूट आस्था देखने को मिलती है।
बिहार के लोक देवता
अक्सर बिहार और उत्तर प्रदेश में कुछ भी अच्छा काम करने से पहले इनका आशीर्वाद लिया जाता है। इन्हीं लोक देवताओं में से एक देवता बरहम बाबा हैं। बिहार के प्रत्येक गांव में एक बरहम स्थान होता है, जहां यह देवता विराजमान होते हैं।
इन्हें गांव का मुख्य संरक्षक देवता माना जाता है। इसके अलावा स्थानीय लोगों का मानना है कि, जिस स्थान पर बरहम बाबा का वास होता है, वहां भूत-पिशाच नहीं आते हैं।
बिहार में बरहम बाबा को स्थानीय लोग मिट्टी से बने घोड़कलश, धोती, जनेऊ, मिठाई, पान, फूल आदि भी अर्पित करते है। इसके अलावा मिथिला क्षेत्र में भी इन्हें पूजा जाता है। अक्सर गांव घर में विवाह या अन्य शुभ अवसरों पर इन्हें प्रणाम किया जाता है।
बरहम बाबा असल में ब्रह्म बाबा होता है। लेकिन स्थानीय भाषा भोजपुरी में बोलचाल के तौर पर इन्हें बरहम बाबा कहा जाने लगा।

बिहार के लोक देवता बरहम बाबा
बरहम बाबा के अलावा अन्य देवी-देवता भी पूजनीय
बिहार में बरहम बाबा के अलावा कई ऐसे स्थानीय देवी-देवता हैं जिन्हें पूजा जाता है। इनमें सिरकट्टी माई, गढ़ी देवी, बौद्धी माई, मलंग बाबा, डीहवार बाबा, गोरैया बाबा आदि शामिल हैं। बरहम बाबा की ही तरह गढ़ी माई का स्थान पश्चिमी बिहार और नेपाल की तराई में कई स्थानों पर मौजूद है।
रोचक बात यह है कि, अगर आपका रिश्ता ग्रामीण जनजीवन से जुड़े लोगों से नहीं है, तो इनमें से अधिकतर देवी-देवताओं के नाम आपने कभी नहीं सुने होंगे। बिहार के गोपालगंज से लेकर वैशाली तक गोरैया बाबा की पूजा की जाती है।
इन्हें पूजने वाले लोगों की संख्या कोई हजार-दो हजार नहीं, बल्कि करोड़ों में हैं। बिहार से सटे उत्तर प्रदेश में भी इनकी पूजा की जाती है। इनके अलावा बिहार में बन्नी माई की पूजा भी बड़ी संख्या में की जाती है।
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