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    पितृ दोष बन रहा है हर काम में बाधा, वैशाख अमावस्या पर इन उपायों से पाएं राहत

    Updated: Mon, 06 Apr 2026 04:00 PM (GMT+05:30)

    वैशाख अमावस्या पितरों का आशीर्वाद पाने और जीवन की बाधाएं दूर करने का शुभ दिन है। इस दिन कुछ उपाय लाभकारी माने गए हैं। ...और पढ़ें

    पितरों का आशीर्वाद पाने के उपाय (Picture Credit- AI Generated)

    पितरों का आशीर्वाद पाने के उपाय (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. पवित्र स्नान, पिंडदान और श्राद्ध से पितृ होते हैं प्रसन्न

    2. पितृ दोष निवारण के लिए करें भगवान शिव की पूजा

    3. दान-पुण्य और पितृ चालीसा पाठ से पाएं सुख-समृद्धि

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख अमावस्या शुक्रवार 17 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। यह तिथि पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उत्तम मानी गई है। इस दिन पर कुछ विशेष उपायों द्वारा आप जीवन में आ रही बाधाओं को दूर कर सकते हैं। चलिए पढ़ते हैं कि वैशाख अमावस्या पर किए गए किन कार्यों से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

    पितरों को कैसे करें प्रसन्न?

    • वैशाख अमावस्या पर पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण करने का विशेष महत्व है। इस दिन पर सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करें और इसके बाद विधि-विधान से पिंडदान और श्राद्ध कर्म करें। इससे पितरों का आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है।
    • अगर आपके आसपास कोई नदी या तालाब न हो, तो आप घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा-सा गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। ऐसा करना तीर्थ स्नान के समान ही शुभ फलदायी माना गया है।
    • स्नान के बाद अपनी क्षमता के अनुसार दान-पुण्य अवश्य करें। इस दिन पर आप मिट्टी के घड़े, पंखा, सत्तू, ककड़ी, जल, फल, अन्न, वस्त्र, छाते और जूते-चप्पलों का दान कर सकते हैं, जो विशेष फलदायी माना जाता है।
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    (Picture Credit- AI Generated)

    पितृ दोष से राहत के उपाय

    यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष है, तो इससे राहत पाने के लिए आप ये खास उपाय कर सकते हैं -

    • अमावस्या की शाम को भगवान शिव की पूजा का विधि-विधान से पूजा करें है। साथ ही शिवलिंग पर काले तिल और कच्चा दूध अर्पित करके 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें। इससे भी पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।
    • वैशाख अमावस्या पर गाय के गोबर के उपलों (कंडों) को सुलगाकर उस पर गुड़ और घी की आहुति दें। इस दौरान मन में पितरों का स्मरण करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।
    • अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना भी पितृ दोष से राहत का एक बेहतर उपाय है। इसके साथ ही पीपल की 7 बार परिक्रमा करें।
    • अमावस्या पर आप पितृ चालीसा व पितृ स्तोत्र का पाठ करके भी पितरों की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
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    (Picture Credit- AI Generated)

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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