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    एक नहीं कई समस्याएं दूर करेगा वैशाख अमावस्या पर सूर्य-चंद्रमा का दुर्लभ संयोग, बस कर लें ये खास उपाय

    Updated: Wed, 15 Apr 2026 05:13 PM (GMT+05:30)

    हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को पितरों की कृपा पाने के साथ-साथ और भी कई समस्याओं से मुक्ति के लिए खास माना गया है। ...और पढ़ें

    सूर्य-चंद्रमा की दुर्लभ युति से पाएं समस्याओं से मुक्ति (Picture Credit- AI Generated)

    सूर्य-चंद्रमा की दुर्लभ युति से पाएं समस्याओं से मुक्ति (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. वैशाख अमावस्या पर बन रही है सूर्य-चंद्रमा की दुर्लभ युति

    2. भगवान विष्णु की पूजा, दान, श्राद्ध से पितरों की मिलती है कृपा

    3. गलत कार्यों से बचें, अन्यथा पितरों की नाराजगी झेलनी पड़ती है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैशाख माह की अमावस्या 17 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। उदया तिथि के कारण इसी दिन स्नान-दान करना भी शुभ होगा। इसी दिन पर सूर्य और चंद्रमा मेष राशि में मिलकर एक दुर्लभ युति बना रहे हैं। ऐसे में इस दिन कुछ विशेष कार्यों को करके आप जीवन की कई समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं।

    इन कार्यों से मिलता है शुभ फल

    वैशाख अमावस्या तिथि पर आप भगवान विष्णु की आराधना कर सकते हैं, जो विशेषफयदायी मानी गई है। साथ ही इस दिन पर गीता का पाठ करना और विष्णु सहस्रनाम जप करने से ग्रह दोष के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है। साथ ही इस दिन पर भक्ति भाव से की गई पूजा से जीवन में सौभाग्य और समृद्धि में बढ़ोत्तरी होती है।

    करें इन चीजों का दान

    वैशाख के महीने में बहुत गर्मी पड़ती है, इसलिए वैशाख महीने की अमावस्या पर आप जल, पंखा और घड़े का दान कर सकते हैं, जो पुण्यकारी माना गया है। साथ ही इस बार सूर्य और चंद्रमा की युति भी बन रही है। ऐसे में इस दिन पर सूर्य देव की कृपा के लिए गुड़, गेहूं, तांबा और लाल वस्त्रों का दान कर सकते हैं। वहीं चंद्रमा के लिए सफेद चीजों जैसे दूध, चावल और सफेद वस्त्रों का दान करना उत्तम माना गया है।

    Vaishakh Amavasya ai

    (Picture Credit- AI Generated)

    पितृ होंगे प्रसन्न

    • अमावस्या तिथि पर सुबह उठकर किसी पवित्र नदी विशेषकर गंगा में स्नान करें।
    • अगर ऐसा न कर सकें, तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए।
    • इस दिन श्राद्ध और पिंडदान करने से पितरों की कृपा मिलती है।
    • जल में काले तिल मिलाकर दक्षिण दिशा की ओर अर्घ्य दें।
    • ब्राह्मणों को भोजन करवाएं और दान-दक्षिणा देकर सम्मानपूर्वक विदा करें।

    भूल से भी न करें ये गलती

    • हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या पर मांस-मदिरा के सेवन से बचना चाहिए।
    • इस दिन बाल और नाखून काटना भी वर्जित है। 
    • नए कार्य की शुरुआत और शुभ कार्य जैसे गृह प्रवेश, विवाह आदि भी इस तिथि पर नहीं करना चाहिए।
    • नकारात्मक ऊर्जा की अधिकता के चलते अमावस्या पर रात में सुनसान जगहों पर जाने से बचें।
    • किसी पर गुस्सा करने, धोखा देने, अपमान करने और जानवरों को नुकसान पहुंचाने से आपको पितरों की नाराजगी झेलनी पड़ती है। अमावस्या तिथि पर इन बातों का खासतौर से ध्यान रखें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।