कब है कालाष्टमी? जानें शुभ मुहूर्त, काल भैरव मंत्र और व्रत के नियम
वैशाख माह की कालाष्टमी भगवान काल भैरव को समर्पित एक पावन दिन है। ...और पढ़ें

Kalashtami April 2026: तिथि, समय और पूजा विधि। Ai Generatesd Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। यह दिन भगवान शिव के काल भैरव स्वरूप को समर्पित है। वैशाख माह में आने वाली कालाष्टमी का विशेष महत्व है, क्योंकि काल भैरव को समय का स्वामी और बाधाओं का नाशक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो साधक इस दिन पूरी भक्ति से व्रत रखता है, उसे अकाल मृत्यु के भय और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है।

वैशाख कालाष्टमी 2026: तिथि
वैदिक पंचाग के अनुसार, इस बार मासिक कालाष्टमी 9 मई को मनाई जाएगी।
भगवान काल भैरव पूजा मंत्र
- ॐ कालभैरवाय नमः।।
- अतिक्रूर महाकाय कल्पान्तदहनोपम, भैरवाय नमस्तुभ्यं अनुज्ञां दातुर्महसि।।
- ॐ शिवगणाय विद्महे, कालराजाय धीमहि, तन्नो भैरव: प्रचोदयात्।।
पूजा विधि और व्रत के नियम
- ब्रह्म मुहूर्त में उठें: दिन की शुरुआत पवित्र नदी में स्नान या पानी में गंगाजल डालकर स्नान से करें।
- संकल्प: भगवान शिव और काल भैरव के समक्ष व्रत का संकल्प लें।
- दीप दान: मंदिर में जाकर चौमुखी दीपक जलाएं। भगवान भैरव को सरसों का तेल, काले तिल और उड़द दाल की कचौरी का भोग लगाएं।
- कुत्ते की सेवा: भगवान काल भैरव का वाहन कुत्ता है, इसलिए इस दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाने से राहु-केतु और शनि के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।
सावधानियां और नियम
कालाष्टमी का व्रत रखने वालों को इस दिन किसी के साथ अपशब्द नहीं बोलने चाहिए और पूर्ण रूप से सात्विक रहना चाहिए। इस दिन झूठ बोलना या किसी के प्रति ईर्ष्या रखना वर्जित माना गया है।
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