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कब है अक्षय तृतीया और वरूथिनी एकादशी? तुरंत नोट करें वैशाख के व्रत और त्योहार की तारीखें

Published: Fri, 03 Apr 2026 05:17 PM (IST)

यह लेख वैशाख माह के महत्वपूर्ण व्रत और त्योहारों की जानकारी देता है, जो 3 अप्रैल से शुरू हुआ है। ...और पढ़ें

वैशाख में कब कौन-सा व्रत और पर्व है? (Image Source: AI-Generated)

वैशाख में कब कौन-सा व्रत और पर्व है? (Image Source: AI-Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। 3 अप्रैल से वैशाख माह की शुरुआत हो गई है। धार्मिक दृष्टि से इस माह को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वैशाख में जगत के पालनाहर भगवान विष्णु की पूजा और जल का दान करने का विशेष महत्व है। वैशाख में कई व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं।

जैसे- वरूथिनी एकादशी, मेष संक्रान्ति, परशुराम जयन्ती और अक्षय तृतीया आदि। आइए एक नजर डालते हैं वैशाख माह में पड़ने वाले प्रमुख व्रत और त्योहारों पर।

Vaishakh significance

(Image Source: AI-Generated)

 

कब कौन-सा व्रत और पर्व मनाया जाएगा? 

  • 3 अप्रैल से वैशाख माह की शुरुआत हुई है।
  • 5 अप्रैल को विकट संकष्टी मनाई जाएगी। इस व्रत को चतुर्थी तिथि पर किया जाता है।
  • 9 अप्रैल को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा होती है।
  • 10 अप्रैल को कालाष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।
  • 13 अप्रैल को वरूथिनी एकादशी है। इस व्रत को करने से पापों से मुक्ति मिलती है।
  • 14 अप्रैल को कृष्ण वामन द्वादशी, मेष संक्रान्ति और बैसाखी मनाई जाएगी।
  • 15 अप्रैल को बुध प्रदोष और मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाएगा।
  • 17 अप्रैल को वैशाख अमावस्या मनाई जाएगी। यह दिन पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए उत्तम माना जाता है।
  • 18 अप्रैल को पराशर ऋषि जयन्ती है।
  • 19 अप्रैल को परशुराम जयन्ती, अक्षय तृतीया और मासिक कार्तिगाई का पर्व मनाया जाएगा।
  • 20 अप्रैल को रोहिणी व्रत और संकर्षण चतुर्थी है।
  • 21 अप्रैल को शंकराचार्य जयन्ती और सूरदास जयन्ती
  • 22 अप्रैल को स्कन्द षष्ठी है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा का विधान है।
  • 23 अप्रैल को गंगा सप्तमी मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन धरती पर मां गंगा का अवतरण हुआ था।
  • 24 अप्रैल को बगलामुखी जयन्ती और मासिक दुर्गाष्टमी है।
  • 25 अप्रैल को सीता नवमी है। इस पर्व माता सीता के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • 27 अप्रैल को मोहिनी एकादशी व्रत किया जाएगा।
  • 28 अप्रैल को परशुराम द्वादशी और भौम प्रदोष व्रत है। प्रदोष व्रत के दिन महादेव की पूजा संध्याकाल में करनी चाहिए।
  • 30 अप्रैल को नृसिंह जयन्ती और छिन्नमस्ता जयन्ती है।
  • 01 मई को चैत्र पूर्णिमा व्रत किया जाएगा।

दान का महत्व

वैशाख के महीने में दान करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विशेष चीजों का दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। वैशाख में जल, मिट्टी का घड़ा, सत्तू और छाता समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन चीजों का दान करने से जातक को शुभ परिणाम मिलते हैं और जीवन में किसी भी चीज की कमी नहीं होती है।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।